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land registration Bihar: डिजिटल निबंधन से जमीन का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ तेज, तीन महीने में हुए इतने आवेदन

land registration Bihar: बिहार में पेपरलेस निबंधन प्रणाली को आम जनता का सकारात्मक रिस्पॉन्स मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा दिसंबर 2024 से शुरू की गई ई-निबंधन सुविधा के तहत मात्र छह महीने में हुए इतने रजिस्ट्रेशन...

Bihar Land News
बिहार भूमि
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Viveka Nand
3 मिनट

land registration Bihar: बिहार में पेपरलेस निबंधन प्रणाली को आम जनता का सकारात्मक रिस्पॉन्स मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा दिसंबर 2024 से शुरू की गई ई-निबंधन सुविधा के तहत मात्र छह महीने में 1,55,239 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1,29,949 निबंधन सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं। यह राज्य की निबंधन प्रक्रिया में डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।


राज्य सरकार द्वारा विकसित ई-निबंधन सॉफ़्टवेयर की सहायता से अब नागरिक घर बैठे ही अपनी जमीन से संबंधित दस्तावेजों का निबंधन करा सकते हैं। अब तक 29,07,336 लोगों ने ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी की है, जो निबंधन से पहले की एक अहम डिजिटल प्रक्रिया है।


ई-निबंधन सॉफ्टवेयर को पहले जुलाई 2023 में केवल पांच पायलट निबंधन कार्यालयों में शुरू किया गया था। इसके सफल परीक्षण के बाद दिसंबर से यह सुविधा राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में लागू कर दी गई। इससे न केवल निबंधन प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, बल्कि भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की संभावना में भी भारी कमी आई है।


इस नई प्रणाली से नागरिकों को लंबी लाइन में लगने और मैनुअल प्रक्रियाओं में उलझने से राहत मिली है। इससे दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन, घर बैठे शुल्क भुगतान, ई-केवाईसी के ज़रिए पहचान की पुष्टि, धोखाधड़ी की संभावना में कमी और निबंधन प्रक्रिया का समयबद्ध निपटारा हो सके। वहीं, इसके आलवा अन्य डिजिटल सुविधाएं भी हुईं चालू होगें, जिसमें शादी का निबंधन,निबंधित दस्तावेजों की खोज, सच्ची प्रतिलिपि की मांग, ऋण अवभार प्रमाण पत्र, और ऑनलाइन टाइम स्लॉट बुकिंग सहित अन्य कई लाभ मिलेंगे।


राज्य सरकार और निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ा रही है, बल्कि राजस्व संग्रहण में भी पारदर्शिता ला रही है। भविष्य में इस सुविधा के और विस्तार की योजना है, जिसमें मोबाइल ऐप, भविष्यवाणी आधारित दस्तावेज़ जाँच, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जोखिम विश्लेषण जैसे फीचर जोड़े जा सकते हैं। ई-निबंधन की यह पहल बिहार को डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में अग्रणी राज्य बनाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल आम जनता को सुविधा मिली है, बल्कि भूमि से संबंधित धोखाधड़ी और विवादों में भी गिरावट देखी जा रही है।


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