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ग्रीन ट्रिब्यूनल की आपत्ति के बाद बालू खनन के टेंडर पर टोक, राज्य के 8 जिलों में चल रही थी निविदा प्रक्रिया

PATNA : राज्य में बालू खनन से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। ग्रीन ट्रिब्यूनल की आपत्ति के बाद अब राज्य में बालू घाटों की निविदा प्रक्रिया को रोक दिया गया है। बालू खनन के लिए टेंडर

ग्रीन ट्रिब्यूनल की आपत्ति के बाद बालू खनन के टेंडर पर टोक, राज्य के 8 जिलों में चल रही थी निविदा प्रक्रिया
First Bihar
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PATNA : राज्य में बालू खनन से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। ग्रीन ट्रिब्यूनल की आपत्ति के बाद अब राज्य में बालू घाटों की निविदा प्रक्रिया को रोक दिया गया है। बालू खनन के लिए टेंडर की प्रक्रिया 8 जिलों में चल रही थी लेकिन ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद सरकार ने फिलहाल इस पर अंतिम रोक लगा दी है। निविदा प्रक्रिया पर रोक से जुड़ा आदेश खान एवं भूतत्व विभाग में जारी कर दिया है। विभाग में ग्रीन ट्रिब्यूनल की तरफ से 25 अक्टूबर को पारित किए गए आदेश के आधार पर रोक लगाई है। अब इस मामले में विभाग ट्रिब्यूनल के अंदर अपील करेगा। 


आपको बता दें कि राज्य में बालू की कमी को देखते हुए सरकार ने पिछले दिनों मंत्रिमंडल की बैठक के जरिए बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया शुरू करने से संबंधित प्रस्ताव पास किया था। आदेश दिया गया था कि जिनके पास से पहले से पर्यावरण स्वीकृति प्रमाण पत्र हैं वह इन जिलों में बालू घाटों की निविदा प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। सरकार ने निविदा का काम खनन विभाग को सौंपा था। सरकार के इस फैसले के बाद पटना के अलावे भोजपुर, सारण, औरंगाबाद, रोहतास, गया, जमुई और लखीसराय में निविदा की प्रक्रिया शुरू की गई थी लेकिन ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस निविदा प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे। ट्रिब्यूनल का कहना था कि पुराने पर्यावरण प्रमाणपत्रों के आधार पर बालू घाटों की निविदा कैसे की जा सकती है। ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद राज्य सरकार ने इस मामले में कानूनी सलाह ली और विवाद से बचने के लिए निविदा की प्रक्रिया को तत्काल स्थगित कर दिया। 


आपको बता दें कि 25 अक्टूबर को ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जो निर्देश दिया उसके बाद अब विभाग में टेंडर प्रक्रिया को रोक दिया है। 28 अक्टूबर तक के का समय उन संवेदक को को दिया गया था अब ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ सरकार अपील में जाएगी। विभाग के प्रधान सचिव हरजोत कौर के मुताबिक के 16 जिलों में बंदोबस्ती का प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल ने 1 अक्टूबर को मंजूर किया था। 8 जिलों में 50 फ़ीसदी अतिरिक्त शुल्क के साथ बंदोबस्ती होनी थी लेकिन कोर्ट का फैसला आने के बाद अब इस पर आगे बंदोबस्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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