ब्रेकिंग
तीन महीने से नहीं मिला वेतन, अचानक सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने छोड़ी ड्यूटी; आश्वासन के बाद काम पर लौटेPatna PhD Protest : 19 दिन से अनशन, अब लोकभवन की ओर कूच! बैरिकेडिंग पर चढ़े PhD होल्डर्स,MLC चुनाव में बिगाड़ेंगे खेल बिहार में प्रमोशन घोटाला ! जांच में धरा गए DEO और RDDE, शिक्षा विभाग के दोनों अफसरों की प्रोन्नति रद्द, जानें पूरा मामला... बिहार में उफान पर नदियां: पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों पर खतरा मंडराया; अलर्ट मोड में सरकारबिहार में 2030 तक 13 एयरपोर्ट से उड़ानें, दिल्ली-मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट; इन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटीतीन महीने से नहीं मिला वेतन, अचानक सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने छोड़ी ड्यूटी; आश्वासन के बाद काम पर लौटेPatna PhD Protest : 19 दिन से अनशन, अब लोकभवन की ओर कूच! बैरिकेडिंग पर चढ़े PhD होल्डर्स,MLC चुनाव में बिगाड़ेंगे खेल बिहार में प्रमोशन घोटाला ! जांच में धरा गए DEO और RDDE, शिक्षा विभाग के दोनों अफसरों की प्रोन्नति रद्द, जानें पूरा मामला... बिहार में उफान पर नदियां: पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों पर खतरा मंडराया; अलर्ट मोड में सरकारबिहार में 2030 तक 13 एयरपोर्ट से उड़ानें, दिल्ली-मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट; इन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटी

बिहार का नया रिकॉर्ड : गठन के 65 साल बाद मुनाफे में आई बिजली कंपनी, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

PATNA : बिहार में स्मार्ट बिजली मीटर का असर दिखने लगा है। समय पर बिजली बिल जमा करने के कारण अपने गठन के 65 वर्ष में पहली बार बिजली कंपनी मुनाफे में आ गई है। देश के अन्य राज गुजरात

बिहार का नया रिकॉर्ड : गठन के 65 साल बाद मुनाफे में आई बिजली कंपनी, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : बिहार में स्मार्ट बिजली मीटर का असर दिखने लगा है। समय पर बिजली बिल जमा करने के कारण अपने गठन के 65 वर्ष में पहली बार बिजली कंपनी मुनाफे में आ गई है। देश के अन्य राज गुजरात आंध्र प्रदेश सहित करीब करीब आधा दर्जन प्रदेशों में अब बिहार का नाम भी शामिल हो गया है जहां बिजली कंपनी मुनाफे में है।


दर्शन मैं बिहार के बिजली कंपनी के तरफ से जा रही डेटा के अनुसार, बिहार राज्य विद्युत बोर्ड का गठन 1958 में हुआ था। इसके बाद 1 नवंबर 2012 को इस बोर्ड को भंग कर पांच कंपनियों का गठन किया गया। जिसका उद्देश्य बोर्ड के वित्तीय घाटे को कम करना था। ऐसे मैं अपने गठन के 65 वर्ष बाद यह कंपनी मुनाफे में आई है।


मालूम हो कि वर्तमान में राज्य में शहरी क्षेत्र में 23 से 24 घंटे बिजली और ग्रामीण क्षेत्र में 20 से 22 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में वित्तीय वर्ष 2022- 23 में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की 17982.26 करोड़ रुपए हो गई है.जो पिछले वर्ष के वित्तीय आई से 42 फ़ीसदी अधिक है। इस तरह साउथ बिहार बिजली कंपनी ने 422.68 करोड़ रुपया का मुनाफा अर्जित किया है। कंपनी ने 77 फिर भी आमदनी उपभोक्ता से प्राप्त की है