ब्रेकिंग
कंटेनर की टक्कर में 12 की दर्दनाक मौत, ट्रक पर सवार होकर 100 से ज्यादा लोग जा रहे थे सगाई में सोना नहीं खरीदने को लेकर PM मोदी की अपील का अनोखा विरोध: नाराज सर्राफा कारोबारी ने खोल डाली चाय-पकौड़े की दुकानCM सम्राट कल क्या करेंगे ? सहयोग शिविर...अमित शाह की बैठक में होंगे शामिल, विमानपत्तन अफसरों के साथ भी करेंगे मीटिंगपूर्णिया में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, कोलकाता और पटना STF की रेड में 4 अरेस्टजेनेवा में गूंजेगा बिहार के स्वास्थ्य विकास का मॉडल, विश्व मंच पर 165 देशों के प्रतिनिधियों के बीच बोलेंगे 'कुंतल कृष्ण'कंटेनर की टक्कर में 12 की दर्दनाक मौत, ट्रक पर सवार होकर 100 से ज्यादा लोग जा रहे थे सगाई में सोना नहीं खरीदने को लेकर PM मोदी की अपील का अनोखा विरोध: नाराज सर्राफा कारोबारी ने खोल डाली चाय-पकौड़े की दुकानCM सम्राट कल क्या करेंगे ? सहयोग शिविर...अमित शाह की बैठक में होंगे शामिल, विमानपत्तन अफसरों के साथ भी करेंगे मीटिंगपूर्णिया में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, कोलकाता और पटना STF की रेड में 4 अरेस्टजेनेवा में गूंजेगा बिहार के स्वास्थ्य विकास का मॉडल, विश्व मंच पर 165 देशों के प्रतिनिधियों के बीच बोलेंगे 'कुंतल कृष्ण'

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन मापी की नई व्यवस्था लागू, नई समयसीमा तय; इतने दिन में पूरा होगा काम

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन मापी की नई व्यवस्था लागू हो गई है. अब बिना विवाद वाली जमीन की मापी 7 दिन में पूरी होगी. पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी होगी.

Bihar Bhumi
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Bhumi: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन की मापी (सर्वे) को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाना है। 


नई व्यवस्था के तहत जिन जमीनों पर कोई विवाद नहीं है, उनकी मापी अब सिर्फ 7 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। इससे आम लोगों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और काम तेजी से निपटेगा। वहीं, विवादित जमीनों की मापी के लिए भी समय सीमा तय की गई है। ऐसे मामलों में मापी का कार्य 11 दिनों के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सके। 


मापी पूरी होने के बाद रिपोर्ट को 14 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे और लोग जरूरत पड़ने पर आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।


अब ई-मापी के लिए आवेदन भी ऑनलाइन बिहार भूमि पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा, जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया सरल हो जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जमीन से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, विवाद कम होंगे और नागरिकों को समय पर सेवाएं मिलेंगी। इसे डिजिटल बिहार और बेहतर प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता