ब्रेकिंग
पटना सिटी के लापता डेकोरेटर कारोबारी का शव नरैना नदी से बरामद, परिजनों के बीच मचा कोहराम मुजफ्फरपुर में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: 20 हजार रुपये घूस लेते पंचायत रोजगार सेवक रंगेहाथ गिरफ्तारबिहार के गांवों में जमीन,मकान, दुकान से लेकर पानी-नाली पर लगेगा टैक्स, सम्राट सरकार ने दी मंजूरी, लोगों से मोटा कर वसूलेगी पंचायतBihar Police:थाने में लुंगी पहनकर ड्यूटी करने वाला दारोगा सस्पेंड, फर्स्ट बिहार की खबर का असरअब गांव में लगेगा होल्डिंग टैक्स: बढ़ेगी ग्राम पंचायतों की आय, सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला पटना सिटी के लापता डेकोरेटर कारोबारी का शव नरैना नदी से बरामद, परिजनों के बीच मचा कोहराम मुजफ्फरपुर में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: 20 हजार रुपये घूस लेते पंचायत रोजगार सेवक रंगेहाथ गिरफ्तारबिहार के गांवों में जमीन,मकान, दुकान से लेकर पानी-नाली पर लगेगा टैक्स, सम्राट सरकार ने दी मंजूरी, लोगों से मोटा कर वसूलेगी पंचायतBihar Police:थाने में लुंगी पहनकर ड्यूटी करने वाला दारोगा सस्पेंड, फर्स्ट बिहार की खबर का असरअब गांव में लगेगा होल्डिंग टैक्स: बढ़ेगी ग्राम पंचायतों की आय, सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला

अब गांव में लगेगा होल्डिंग टैक्स: बढ़ेगी ग्राम पंचायतों की आय, सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला

बिहार सरकार ने ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत पंचायतें होल्डिंग, व्यापार, उद्योग और सेवाओं पर कर एवं शुल्क लगाकर अपनी आय बढ़ा सकेंगी।

बिहार न्यूज
पंचायत क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स
© AI-generated image
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

Bihar Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 15 जुलाई बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट की बैठक में कुल 25 प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट में यह फैसला लिया गया है कि राज्य के पंचायत क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स लगेगा।


बता दें कि बुधवार को जिन 25 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी, उसमें गांव में होल्डिंग टैक्स लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है। सम्राट चौधरी की सरकार ने यह फैसला लिया है कि अब ग्राम पंचायत क्षेत्र में भी होल्डिंग टैक्स लगेगा। यह बात कुछ दिन पहले से चर्चा में चल रही थी कि अब गांव में जिस किसी का मकान है, उन्हें भी प्रति मकान 1200 रुपये टैक्स देना होगा। लेकिन बाद में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा था कि इसकी जरूरत नहीं है। लेकिन आज फिर इस पर चर्चा हुई। सरकार ने पंचायतों में होल्डिंग टैक्स लेने का फैसला लिया है।  


बिहार सरकार ने ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी उद्देश्य से ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली, 2026 का प्रारूप तैयार किया गया है। इस नई नियमावली के लागू होने के बाद ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र में निर्धारित प्रक्रिया के तहत विभिन्न प्रकार के कर और शुल्क लगा सकेंगी, जिससे उनकी स्वयं की आय (Own Source Revenue-OSR) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।


सरकार का उद्देश्य है कि ग्राम पंचायतें अपने संसाधन स्वयं विकसित करें और राज्य सरकार पर उनकी आर्थिक निर्भरता कम हो। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-27 में पंचायतों को विभिन्न प्रकार के कर, दर और शुल्क लगाने का प्रावधान पहले से मौजूद है, लेकिन अब तक इसके लिए कोई नियमावली तैयार नहीं की गई थी। न ही किसी राज्यादेश के माध्यम से पंचायतों को इन अधिकारों का प्रभावी हस्तांतरण किया गया था।


नई नियमावली के तहत पंचायतों द्वारा लगाए जाने वाले कर और शुल्क की श्रेणियों की पहचान की गई है तथा उनकी अधिकतम सीमा निर्धारित करने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही कर और शुल्क के अधिरोपण, दर निर्धारण और संग्रहण की स्पष्ट प्रक्रिया भी तय की जाएगी, जिससे पंचायतों को राजस्व संग्रह में आसानी होगी।


नियमावली के अनुसार ग्राम पंचायत क्षेत्र में होल्डिंग (संपत्ति) पर कर, पंचायत क्षेत्र के भीतर संचालित पेशा, व्यापार और उद्योग पर शुल्क, पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के बदले शुल्क तथा अन्य निर्धारित शुल्क वसूलने का प्रावधान किया गया है।


सरकार का मानना है कि निर्धारित अधिकतम दरों और तय प्रक्रिया के अनुरूप कर एवं शुल्क वसूली की व्यवस्था लागू होने से ग्राम पंचायतों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। इससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे और पंचायतें आत्मनिर्भर बनकर ग्रामीण विकास की गति को और तेज कर सकेंगी।