1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 06 Jan 2026 08:13:26 AM IST
- फ़ोटो
railway accident Bihar : बिहार में रेल हादसों का सिलसिला जारी है। सोमवार की शाम समस्तीपुर-खगड़िया रेलखंड पर रुसेराघाट रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी का टैंक वैगन डिरेल हो गया। यह घटना कुछ देर के लिए अफरातफरी का कारण बनी, लेकिन सौभाग्य से किसी भी व्यक्ति की जान को कोई खतरा नहीं हुआ और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, डिरेल हुई मालगाड़ी समस्तीपुर से खगड़िया की ओर जा रही थी। घटना की सूचना मिलते ही रुसेराघाट स्टेशन के अधिकारियों ने समस्तीपुर रेल मंडल को तत्काल अवगत कराया। इसके बाद समस्तीपुर से रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और वैगन की स्थिति का निरीक्षण किया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टैंक वैगन के पहिये में तकनीकी खराबी आने के कारण यह हादसा हुआ। वैगन को जल्द से जल्द दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है ताकि रेल परिचालन सामान्य किया जा सके। साथ ही, दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है। मंडल के पीआरओ आरके सिंह ने कहा कि घटना के तुरंत बाद वैगन को पटरी पर लाने और रेल मार्ग को खोलने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए थे।
यह घटना उस समय आई है जब कुछ ही दिनों पहले बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला में भी एक मालगाड़ी के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए थे। उस दुर्घटना के कारण हावड़ा-पटना मार्ग पर कई एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों का समय पुनर्निर्धारित करना पड़ा था। पूर्वी रेलवे के आसनसोल डिवीजन के अंतर्गत लाहाबोन और सिमुलतला रेलवे स्टेशन के बीच हुई उस दुर्घटना के कारणों की जांच भी जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रेल दुर्घटनाओं में अधिकतर मामलों में तकनीकी खराबी, ट्रैक की स्थिति और समय पर रखरखाव का अभाव मुख्य कारण होते हैं। रेलवे प्रशासन ने हालिया घटनाओं के बाद सुरक्षा और तकनीकी निरीक्षण को और कड़ा करने का निर्देश दिया है। समस्तीपुर-खगड़िया रेलखंड पर ट्रैक निरीक्षण और टैंक वैगन की जांच तुरंत की गई, ताकि यात्रियों और मालगाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
रेल यात्री और स्थानीय लोग इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से देख रहे हैं। रेलवे विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित तकनीकी परीक्षण और डिब्बों की समय पर मरम्मत को सुनिश्चित किया जाएगा। इससे न केवल मालगाड़ी का संचालन सुचारू रहेगा, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी।
इस प्रकार, रुसेराघाट में हुई डिरेलमेंट की घटना तकनीकी कारणों से हुई, जबकि रेलवे प्रशासन ने समय रहते स्थिति को नियंत्रण में लिया और मार्ग को सामान्य करने के लिए तुरंत कार्रवाई की। भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे विभाग सतर्कता और रखरखाव पर विशेष ध्यान दे रहा है।