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अब ट्रेन में मिलेगा स्वाद के साथ सेहत का भरोसा! Bihar Train : बिहार में खाने-पीने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना में FSSAI ने रेलवे और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा व स्वच्छता का प्रशिक्षण दिया। 92 वेंडरों को सुरक्षित भोजन, लाइसेंस नियम और नए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई।

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Tejpratap
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Bihar Train : पटना के रेलवे स्टेशनों और सड़क किनारे लगने वाले खाने-पीने के स्टॉलों पर अब यात्रियों और ग्राहकों को अधिक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने राजधानी पटना में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें रेलवे स्टेशन और स्ट्रीट फूड से जुड़े दर्जनों विक्रेताओं को आधुनिक खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई।


इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पटना सिटी और राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन के वेंडरों के अलावा शहर के विभिन्न इलाकों में कारोबार करने वाले स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने भाग लिया। कुल 92 खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता, सुरक्षित भोजन और ग्राहकों के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि लोगों तक सुरक्षित भोजन पहुंचाना केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि विक्रेताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।


एफएसएसएआई के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FOSTAC) कार्यक्रम के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में खाद्य विक्रेताओं को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से संग्रहित करने और भोजन को दूषित होने से बचाने के उपाय सिखाए गए। इसके अलावा लाइसेंसिंग प्रक्रिया, सफाई व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा कानूनों की भी विस्तार से जानकारी दी गई।


प्रशिक्षण के दौरान अधिकृत प्रशिक्षक अभिजीत भट्टाचार्य ने विक्रेताओं को बताया कि ग्राहकों का विश्वास बनाए रखने के लिए साफ-सुथरा वातावरण और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का उपयोग बेहद जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन एफएसएसएआई की अधिकृत एजेंसी यारी क्वालिटेक के माध्यम से किया गया।


इस दौरान छोटे खाद्य कारोबारियों के लिए एक बड़ी राहत की जानकारी भी साझा की गई। एफएसएसएआई ने खाद्य कारोबार के पंजीकरण और लाइसेंस संबंधी नियमों में बदलाव करते हुए वार्षिक टर्नओवर की सीमा को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया है। इससे छोटे व्यवसायियों को लाइसेंसिंग प्रक्रिया में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलेगी।


जिला खाद्य संरक्षा अधिकारी मुकेश कश्यप ने बताया कि जिन खाद्य कारोबारियों का वार्षिक कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से 50 करोड़ रुपये के बीच है, उन्हें राज्य लाइसेंस लेना होगा। वहीं इससे अधिक कारोबार वाले प्रतिष्ठानों को केंद्रीय लाइसेंस की आवश्यकता होगी।


रेलवे यात्रियों को बेहतर खान-पान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दानापुर मंडल ने भी विशेष पहल शुरू की है। पटना साहिब और राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर कार्यरत वेंडरों को अलग से प्रशिक्षण दिया गया। एफएसएसएआई के ‘ईट राइट’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 18 रेलवे वेंडरों ने हिस्सा लिया। उन्हें पौष्टिक, स्वच्छ और सुरक्षित भोजन परोसने के व्यावहारिक तरीके बताए गए। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।


एफएसएसएआई ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं। सभी विक्रेताओं को केवल ताजा और मान्य अवधि वाली खाद्य सामग्री का उपयोग करने को कहा गया है। इसके अलावा ठेले की ऊंचाई जमीन से कम से कम 60 सेंटीमीटर रखने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, एप्रन, ग्लव्स और हेयर कैप पहनने तथा शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने का निर्देश दिया गया है। पीने योग्य स्वच्छ पानी के उपयोग और ढक्कन वाले डस्टबिन रखने पर भी जोर दिया गया है।


खाद्य गुणवत्ता को लेकर शिकायतों के निवारण के लिए विभाग ने टोल-फ्री हेल्पलाइन 18003456065 भी जारी की है। किसी होटल, रेस्तरां या स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता को लेकर शिकायत होने पर उपभोक्ता इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग का कहना है कि आम लोगों की भागीदारी से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए जल्द ही 20 नए अधिकारियों की नियुक्ति भी की जाएगी।