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Bihar News : थाली में दिखी छिपकली... खाना खाते ही बिगड़ी 12 छात्राओं की तबीयत, स्कूल में मचा हड़कंप

बिहार के पूर्वी चंपारण में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की थाली में छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया। खाना खाने के बाद कई छात्राएं बीमार हो गईं, जिनमें 6 का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानिए पूरा मामला।

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Tejpratap
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Bihar News : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। संग्रामपुर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में मंगलवार रात परोसे गए भोजन में कथित तौर पर छिपकली मिलने के बाद कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। भोजन करने के कुछ ही देर बाद छात्राओं ने पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत की, जिसके बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।


जानकारी के अनुसार, विद्यालय प्रशासन ने बिना देर किए बीमार छात्राओं को संग्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने सभी छात्राओं का प्राथमिक उपचार शुरू किया। इनमें छह छात्राओं को निगरानी में रखकर इलाज किया जा रहा है, जबकि अन्य छात्राओं की स्थिति सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।


खाना खाते ही बिगड़ी तबीयत

बताया जा रहा है कि विद्यालय में रात का भोजन परोसा जा रहा था। इसी दौरान भोजन में छिपकली दिखाई दी। हालांकि तब तक कई छात्राएं खाना खा चुकी थीं। कुछ ही समय बाद कई बच्चियों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी। इससे छात्रावास में हड़कंप मच गया और शिक्षिकाओं ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी।


डॉक्टरों ने क्या कहा?

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों के अनुसार भर्ती सभी छात्राओं की हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। एहतियात के तौर पर उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है ताकि किसी तरह की जटिलता होने पर तत्काल उपचार दिया जा सके।


वार्डन अवकाश पर, शिक्षिका ने संभाली जिम्मेदारी

विद्यालय में कुल 87 छात्राएं नामांकित हैं, जबकि घटना के दिन 73 छात्राएं उपस्थित थीं। बताया गया कि विद्यालय की वार्डन अवकाश पर थीं। उनकी अनुपस्थिति में कार्यभार संभाल रही शिक्षिका ने बताया कि भोजन वितरण के दौरान ही छिपकली दिखाई दी, लेकिन तब तक दर्जन भर छात्राएं खाना खा चुकी थीं। इसके बाद तुरंत भोजन वितरण रोक दिया गया और सभी छात्राओं की स्वास्थ्य जांच कराई गई।


स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सतर्क

घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया। अस्पताल में छात्राओं का इलाज शुरू किया गया और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं विद्यालय प्रशासन भी पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भोजन में छिपकली कैसे पहुंची और भोजन तैयार करने तथा परोसने की प्रक्रिया में कहां लापरवाही हुई।


अभिभावकों में चिंता

घटना की खबर मिलते ही कई अभिभावकों में चिंता बढ़ गई। आवासीय विद्यालयों में रहने वाली बच्चियों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि ऐसे संस्थानों में भोजन तैयार करने और उसकी गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


जांच के बाद होगी कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि भोजन बनाने या वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विद्यालयों में खाद्य सुरक्षा के मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए जाएंगे।


फिलहाल राहत की बात यह है कि इलाजरत सभी छात्राओं की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।