1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 29, 2025, 1:19:15 PM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar Flood: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर से तेजी से बढ़ रहा है। जिससे पटना, बेगूसराय, मुंगेर और बक्सर समेत कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आज 12 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पटना के दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह घाट पर गंगा खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रही है, जबकि मुंगेर के दियारा इलाके में कटाव से सैकड़ों घर डूब चुके हैं। आरा के जवईनिया गांव में एक दो मंजिला स्कूल नदी में समा गया है और बक्सर में कर्मनाशा नदी का पानी स्टेट हाईवे पर बह रहा है। यह स्थिति नेपाल से आने वाले अतिरिक्त जल और हाल की बारिश का नतीजा है। जिससे 11-12 जिलों के करीब 12-16 लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं।
मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि 1 सितंबर से मानसून फिर से सक्रिय हो जाएगा, जिससे पूरे बिहार में अच्छी बारिश का दौर एक बार और लौटेगा। कल भी कई जिलों में तेज वर्षा की संभावना है, बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया बनने से कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। जबकि 30 अगस्त को गया, नवादा और नालंदा में यलो अलर्ट है और 1 सितंबर को गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और सीवान में एक-दो जगहों पर भारी वर्षा के आसार हैं। बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
इधर मुंगेर में बुधवार रात कुतलुपुर पंचायत के पड़ोड़ा टोला में कटाव से तीन पक्के मकान गंगा में बह गए, जबकि आरा और बक्सर के गांवों में पानी घुसने से सड़कें बंद हो गई हैं। जल संसाधन विभाग ने अलर्ट जारी कर राहत कार्य तेज कर दिए हैं और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और ट्रेनें रद्द या डायवर्ट की जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फसलें बर्बाद हो रही हैं और प्रशासन से तत्काल सहायता की मांग वे कर रहे हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर जलस्तर में मामूली कमी आ रही है लेकिन अगली बारिश से स्थिति और बिगड़ सकती है।