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Bihar News : बिहार में खत्म होगा इंस्पेक्टर राज! फैक्ट्री जांच से 15 दिन पहले मिलेगी सूचना; बिहार सरकार ने बदल दिए नियम

बिहार की फैक्ट्रियों में अब नहीं चलेगा इंस्पेक्टर राज। सरकार ने औचक निरीक्षण पर रोक लगाने और पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी कर ली है। जानिए नए नियमों से उद्योगों और श्रमिकों को क्या फायदा होगा।

Bihar Factory Inspection
Bihar Factory Inspection
© ai photo
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : बिहार सरकार ने राज्य के निबंधित कल-कारखानों में लंबे समय से चर्चा में रहे ‘इंस्पेक्टर राज’ को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब फैक्ट्री निरीक्षण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन बनाने की तैयारी कर रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रम विभाग के अधिकारी बिना पूर्व सूचना किसी भी कारखाने का औचक निरीक्षण नहीं कर सकेंगे।


सरकार का मानना है कि नई प्रणाली से जहां उद्योगों को राहत मिलेगी, वहीं भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। इसके तहत निरीक्षण प्रक्रिया को वेब आधारित पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे निरीक्षण की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।


नामित अधिकारी ही करेंगे निरीक्षण

नई व्यवस्था के तहत केवल विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी ही किसी कारखाने का निरीक्षण कर सकेंगे। निरीक्षण की तिथि, अधिकारी का नाम और अन्य आवश्यक जानकारी संबंधित उद्योग प्रबंधन को पहले से ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उद्योग संचालकों और निरीक्षण अधिकारियों के बीच किसी प्रकार की अनियमितता या मनमानी की संभावना कम होगी। सरकार का उद्देश्य निरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है ताकि उद्योगों को अनावश्यक दबाव और भ्रष्टाचार से राहत मिल सके।


15 दिन पहले मिलेगी सूचना

नई प्रणाली के तहत किसी भी फैक्ट्री में निरीक्षण से लगभग 15 दिन पहले कंपनी प्रबंधन को सूचना दी जाएगी। इसके बाद निर्धारित अधिकारी निरीक्षण करेंगे और उन्हें अपनी रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इस रिपोर्ट को विभागीय मुख्यालय के अधिकारी भी देख सकेंगे। यदि निरीक्षण के दौरान कोई कमी पाई जाती है तो उसे ऑनलाइन ही दर्ज किया जाएगा और संबंधित कंपनी को सुधार के लिए समय दिया जाएगा।


कंप्यूटर करेगा निरीक्षण का आवंटन

नई व्यवस्था में यह भी तय किया गया है कि किस अधिकारी को किस फैक्ट्री का निरीक्षण करना है, इसका चयन कंप्यूटर प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इससे किसी विशेष अधिकारी और कारखाना प्रबंधन के बीच सांठगांठ की संभावना कम होगी। विभाग का मानना है कि डिजिटल आवंटन प्रक्रिया से निरीक्षण प्रणाली अधिक निष्पक्ष और जवाबदेह बनेगी।


ऑनलाइन होगी पूरी निगरानी

सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे पोर्टल के माध्यम से कारखानों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इसमें कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान, सुरक्षा मानकों का पालन, भविष्य निधि (पीएफ) की कटौती और श्रमिक सुविधाओं की स्थिति जैसी जानकारियां शामिल होंगी। यदि किसी कारखाने में कोई कमी पाई जाती है तो उसका सुधार भी ऑनलाइन मॉनिटर किया जाएगा। कंपनी द्वारा सुधार संबंधी रिपोर्ट अपलोड करने के बाद उसकी समीक्षा की जाएगी।


श्रमिक भी ऑनलाइन कर सकेंगे शिकायत

नई व्यवस्था में श्रमिकों को भी बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। कामगार अपनी समस्याओं और शिकायतों को सीधे ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इससे विभाग को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी और श्रमिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे यह भी पता चल सकेगा कि कौन-कौन से कारखाने श्रम कानूनों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं।


सामाजिक सुरक्षा नियमावली 2026 लागू

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार राज्य में सामाजिक सुरक्षा (बिहार) नियमावली 2026 लागू की गई है। इसके तहत श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ उद्योगों को भी पारदर्शी निरीक्षण व्यवस्था का लाभ मिलेगा।


राज्य के कारखानों की स्थिति

* बिहार में निबंधित कारखानों की कुल संख्या: 7,952

* लगभग 2,000 कारखानों में 20 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।

* राज्य के 120 कारखानों को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है।


नई ऑनलाइन निरीक्षण प्रणाली को बिहार में उद्योगों के लिए एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे उद्योगों को राहत मिलेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।