ब्रेकिंग
‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल✦शराब तस्कर से यारी पड़ी भारी: स्मगलर के साथ केक काटते दिखे थानाध्यक्ष और दारोगा, वीडियो वायरल होते ही SP ने किया सस्पेंड✦10 हजार की रिश्वत... फिर खुला बड़ा राज, आरा में डाक सहायक गिरफ्तार, CBI के एक्शन से हड़कंप✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल✦शराब तस्कर से यारी पड़ी भारी: स्मगलर के साथ केक काटते दिखे थानाध्यक्ष और दारोगा, वीडियो वायरल होते ही SP ने किया सस्पेंड✦10 हजार की रिश्वत... फिर खुला बड़ा राज, आरा में डाक सहायक गिरफ्तार, CBI के एक्शन से हड़कंप

बिहार से अब दूसरे राज्यों में भी भेजा जा सकेगा इथेनॉल, कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू होगी नई व्यवस्था

बिहार सरकार इथेनॉल उद्योग को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। नई नीति के तहत कैबिनेट की मंजूरी के बाद इथेनॉल को पेट्रोलियम के अलावा अन्य औद्योगिक उपयोग के लिए भी राज्य के बाहर भेजने की अनुमति मिलेगी, जिससे उद्योगों और किसानों को लाभ होगा।

बिहार न्यूज
किसानों को होगा बड़ा फायदा
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: बिहार सरकार जल्द ही इथेनॉल उत्पादन से जुड़े उद्योगों को बड़ी राहत देने जा रही है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत बिहार में उत्पादित इथेनॉल को अब पेट्रोलियम क्षेत्र के अलावा अन्य औद्योगिक उपयोग के लिए भी राज्य के बाहर भेजा जा सकेगा। उद्योग विभाग के अनुरोध पर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर ली है।


विभागीय सूत्रों के अनुसार, एसओपी को वित्त विभाग की सहमति के लिए भेजा गया है। वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद इसे राज्य कैबिनेट के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद नई व्यवस्था लागू होगी।


नई नीति के तहत बिहार से बाहर भेजे जाने वाले इथेनॉल में 12 प्रकार के निर्धारित कंपोनेंट (विकारक) मिलाए जाएंगे, ताकि उसका उपयोग शराब बनाने में न किया जा सके। इसके बाद ही इथेनॉल को अन्य राज्यों में औद्योगिक उपयोग के लिए भेजने की अनुमति दी जाएगी।


सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य के इथेनॉल संयंत्रों को बड़ा बाजार मिलेगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही गन्ना और अन्य फसलों से जुड़े किसानों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।


दरअसल, वर्तमान में पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा निर्धारित इथेनॉल खरीद कोटा उत्पादन की तुलना में कम है। इससे कई इथेनॉल संयंत्रों के सामने उत्पादन और विपणन की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसी कारण उद्योग विभाग ने अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी बिहार से इथेनॉल बाहर भेजने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा था।


गौरतलब है कि बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बाद से बिना विकारक (डिनैचर्ड किए बिना) इथेनॉल के परिवहन और राज्य से बाहर भेजने पर प्रतिबंध है। प्रस्तावित नई व्यवस्था में सुरक्षा उपायों के साथ इस प्रतिबंध में सीमित छूट देने की तैयारी की गई है।

टैग्स