BIHAR ELECTION : बिहार में चुनावी सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये भेजे जाने के बाद अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पर पलटवार किया है। तेजस्वी ने कहा कि मौजूदा सरकार उनकी योजनाओं की नकल कर रही है और जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए के पास खुद की कोई सोच और मौलिक योजना नहीं है।
लेकिन इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच तेजस्वी यादव ने अपनी बहन रोहिणी आचार्य को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि रोहिणी पर सवाल उठाने वालों को वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। तेजस्वी ने कहा- “रोहिणी आचार्य ने मुझे पाला है, बड़ा किया है। उन्होंने अपनी किडनी देकर जो कुर्बानी दी है, उसकी कल्पना भी कोई नहीं कर सकता। छपरा की जनता ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहा था। यह सच है कि रोहिणी की कोई व्यक्तिगत लालसा नहीं थी। उन्होंने हमेशा मुझे आगे बढ़ाने का काम किया है। मेरी बहनों पर उंगली उठाने वालों को बर्दाश्त नहीं करूंगा।”
तेजस्वी ने यह भी कहा कि रोहिणी आचार्य ने कभी स्वार्थ की राजनीति नहीं की। उनकी राजनीति का मकसद सिर्फ सेवा और समाज को बेहतर रास्ता देना रहा है। तेजस्वी ने यह जताने की कोशिश की कि रोहिणी को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का वह दृढ़ता से जवाब देंगे।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि मौजूदा सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। पत्रकारों की पिटाई हो रही है और गाली-गलौज की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर यह जंगलराज नहीं है, तो क्या है? तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार विपक्ष को बदनाम करने के लिए झूठा प्रचार कर रही है और उनके विजन की नकल कर रही है।
लालू यादव को लेकर नीतीश कुमार द्वारा दिए गए बयान पर तेजस्वी ने कहा कि सत्तापक्ष बार-बार नकारात्मक राजनीति करता है, लेकिन उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि वे विकास की सोच के साथ बिहार को आगे ले जाने का काम कर रहे हैं और इसी रास्ते पर टिके रहेंगे।
बहरहाल, तेजस्वी यादव ने जहां सरकार पर हमला बोला, वहीं रोहिणी आचार्य को लेकर अपनी भावनाएं सार्वजनिक कर यह संदेश दिया कि परिवार में मतभेद की बात करने वालों को वह खुलकर जवाब देंगे। चुनावी सरगर्मी के बीच उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।





