ब्रेकिंग
शपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनल

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां हुईं तेज, गृह विभाग ने सभी जिलों को जारी किए सख्त निर्देश

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत गृह विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि गुंडा रजिस्टर अपडेट रखें, चार्जशीटेड अपराधियों की नियमित परेड कराएं और गैर-जमानती वारंटों की समीक्षा सुनिश्चित करें।

Bihar Election 2025
प्रतिकात्मक
© google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने शेष रह गए हैं ऐसे में चुनावी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। चुनाव आयोग की तरफ से लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इस बीच गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी और डीजीपी विनय कुमार ने सभी डीएम और एसपी को दिशा निर्देश जारी किए हैं।


सभी जिलों के एसपी और डीएम को आदेश दिया गया है कि राज्य के सभी थानों में गुंडा रजिस्टर का अपडेट रहना जरूरी है। इसमें चार्जशीटेड अपराधियों के नाम दर्ज होंगे और उनकी नियमित परेड सुनिश्चित कराई जाएगी। शराबबंदी से जुड़े मामलों में आरोपितों को भी गुंडा सूची में रखा जाएगा।


इसके साथ ही साथ सभी लंबित वादों में आरोपितों और गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। यदि आवश्यक हो, तो आरोपितों की जमानत रद्द कराने हेतु कोर्ट में आवेदन भी दिए जाएं, ताकि वे चुनाव के दौरान किसी प्रकार का प्रभाव न दिखा सकें। डीजीपी ने निर्देश दिया कि न्यायालय में लंबित सभी गैर-जमानती वारंट की वास्तविक संख्या की थानावार गणना कराई जाए। इसके लिए इंस्पेक्टर एवं डीएसपी स्तर के अधिकारियों को ज़िम्मेदारी सौंपी जा सकती है। 


बता दें कि गृह विभाग के स्तर पर प्रमंडलवार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं, जिनमें चुनावी तैयारियों की समीक्षा हो रही है। इन बैठकों में गृह विभाग और बिहार पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के साथ संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त, आईजी, डीआईजी, डीएम व एसपी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग ले रहे हैं।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें