ब्रेकिंग
पटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम

Education Department : पति-पत्नी को एक साथ मिला जिला शिक्षा पदाधिकारी का नोटिस, जानिए क्या रही वजह

जमुई में शिक्षा विभाग की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सरकारी स्कूल में कार्यरत पति-पत्नी दोनों शिक्षकों को एक साथ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण और अभिलेख तलब किए हैं।

Education Department : पति-पत्नी को एक साथ मिला जिला शिक्षा पदाधिकारी का नोटिस, जानिए क्या रही वजह
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Education Department : जमुई जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक मामला इन दिनों खासा चर्चा में है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) द्वारा एक ही परिवार के दो शिक्षकों—पति और पत्नी—को एक साथ नोटिस जारी किए जाने से विभागीय हलकों में हलचल मच गई है। मामला सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र और वेतन निकासी से जुड़ा है, जिस पर अब गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।


जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर ने आदर्श मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कल्पना कुमारी और उनके पति, अनुग्रह मध्य विद्यालय, झाझा में पदस्थापित शिक्षक अशोक कुमार ढेक को अलग-अलग नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण और अभिलेख तलब किए हैं। हालांकि दोनों पति–पत्नी अलग-अलग विद्यालयों में कार्यरत हैं, लेकिन शिकायतों में दोनों के नाम एक साथ सामने आने के कारण यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है।


डीईओ द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, शिक्षक अशोक कुमार ढेक से उनके प्रशिक्षण से संबंधित मूल अभिलेख प्रस्तुत करने के साथ-साथ संस्थान के शिक्षक पद पर उनकी नियुक्ति की वैधता से जुड़े साक्ष्य तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है। वहीं उनकी पत्नी और आदर्श मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कल्पना कुमारी से उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर स्पष्ट जवाब मांगा गया है।


कल्पना कुमारी पर आरोप है कि उन्होंने गलत तरीके से शिक्षक की नौकरी कर रहे अपने पति को वेतन निकासी में सहयोग किया और पति के साथ मिलकर विद्यालय के अन्य शिक्षकों का दोहन किया। यह आरोप बरमसिया की प्रीति कुमारी द्वारा शिक्षा विभाग के उपनिदेशक को भेजे गए एक लिखित आवेदन में लगाया गया था। उपनिदेशक द्वारा इस शिकायत को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके बाद दोनों को नोटिस जारी किया गया।


यह पहला मौका नहीं है जब अशोक कुमार ढेक के प्रशिक्षण प्रमाण-पत्रों पर सवाल उठे हों। जानकारी के अनुसार, बीते तीन महीनों के भीतर दूसरी बार उनसे अभिलेख तलब किए गए हैं। इससे पहले सितंबर महीने में मुंगेर के अनिल कुमार की शिकायत पर उनसे प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया था। उस समय भी उनके प्रमाण-पत्रों को लेकर विवाद सामने आया था।


इस बार अनिल कुमार के साथ-साथ झाझा की प्रीति कुमारी ने भी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि अशोक कुमार ढेक ने अमान्य संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त कर शिक्षक की नौकरी हासिल की और उसी आधार पर सरकारी राजस्व का अवैध तरीके से लाभ लिया। इस दोहरी शिकायत के बाद विभागीय कार्रवाई और तेज हो गई है।


पति–पत्नी दोनों को एक साथ नोटिस मिलने की खबर फैलते ही जिले के शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। कई शिक्षक इसे शिक्षा विभाग की सख्ती के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे आपसी शिकायतों और व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा भी बता रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


इधर, आदर्श मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कल्पना कुमारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और उन्हें बदनाम करने की नीयत से लगाए गए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि स्पष्टीकरण के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।


वहीं शिक्षक अशोक कुमार ढेक ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें संगत प्रोन्नति नियमावली के प्रावधानों के तहत मैट्रिक प्रशिक्षित वरीय वेतनमान स्वीकृत किया गया है। इसी आधार पर वह प्रशिक्षित श्रेणी में मान्य हैं। उनके अनुसार, अमान्य संस्था से प्रशिक्षण का आरोप अब कोई मायने नहीं रखता, क्योंकि विभाग ने पहले ही उनकी स्थिति स्पष्ट कर दी थी। उन्होंने कहा कि वे पहले भी विभाग को वास्तविक स्थिति से अवगत करा चुके हैं और इस बार भी सभी तथ्यों के साथ उच्च अधिकारियों को जवाब देंगे।


इस पूरे मामले में एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि शिक्षक अशोक कुमार ढेक 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे समय में फिर से नोटिस जारी होना और अभिलेख तलब किया जाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब देखना यह होगा कि विभागीय जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है और क्या यह मामला सेवानिवृत्ति से पहले किसी निर्णायक मोड़ तक पहुंचता है या नहीं।