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Bihar Daroga Bharti 2026 : दारोगा भर्ती परीक्षा पर सरकार ने लगाई रोक, अब EOU खंगालेगी VIDEO-फोटो; कमेटी की रिपोर्ट के बाद होगा बड़ा फैसला

बिहार में 1799 दरोगा पदों की भर्ती परीक्षा को लेकर कथित धांधली की जांच का दायरा बढ़ सकता है। EOU ने BPSSC से अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के VIDEO और फोटो का सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी है। कई जिलों से शिकायतें मिलने की बात सामने आई है।

Bihar Daroga Bharti 2026 : दारोगा भर्ती परीक्षा पर सरकार ने लगाई रोक, अब EOU खंगालेगी VIDEO-फोटो; कमेटी की रिपोर्ट के बाद होगा बड़ा फैसला
Tejpratap
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6 मिनट

पटना: बिहार पुलिस में 1799 दरोगा पदों पर भर्ती के लिए हुई मुख्य परीक्षा को लेकर उठे कथित धांधली के आरोपों की जांच अब और आगे बढ़ सकती है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष जांच टीम (SIT) फिलहाल पूर्णिया के साइबर थाना और गया के रामपुर थाना में दर्ज मामलों की जांच कर रही है। इसी बीच छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर अलग-अलग स्थानों से की गई शिकायतों ने जांच का दायरा बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं।

दरअसल, दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर कई अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर कथित अनियमितता के आरोप लगाए हैं। शिकायतों में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं। कुछ शिकायतों के साथ कथित धांधली से संबंधित तस्वीरें और वीडियो भी सामने आने की बात कही गई है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए EOU ने अब बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) से इस पूरे मामले में जानकारी मांगी है।

तस्वीर और वीडियो की होगी जांच

EOU की SIT ने BPSSC को पत्र भेजकर विभिन्न परीक्षा केंद्रों से संबंधित तस्वीरों और वीडियो का सत्यापन कराने को कहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाना चाहती है कि छात्रों और छात्र संगठनों की ओर से उपलब्ध कराई गई तस्वीरें और वीडियो वास्तव में संबंधित परीक्षा केंद्रों के हैं या नहीं।

साथ ही, इन वीडियो और तस्वीरों में दिखाई देने वाली परिस्थितियों की भी जांच की जाएगी। यदि सामग्री की सत्यता की पुष्टि होती है तो यह जांच के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकती है। हालांकि, किसी तस्वीर या वीडियो के सामने आने मात्र से उसमें लगाए गए आरोपों को सही नहीं माना जा सकता। जांच के बाद ही इसकी वास्तविकता और उससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

पूर्णिया और गया के बाद दूसरे जिलों पर भी नजर

फिलहाल EOU की SIT पूर्णिया साइबर थाना और गया के रामपुर थाना में दर्ज मामलों को केंद्र में रखकर जांच कर रही है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, पूर्णिया और गया के अलावा भी कुछ अन्य जिलों से छात्रों की शिकायतें जांच एजेंसी तक पहुंची हैं।

इन शिकायतों में परीक्षा केंद्रों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है। अब इन शिकायतों का सत्यापन कराया जाना जरूरी माना जा रहा है। EOU सूत्रों के अनुसार, शिकायतों और उपलब्ध सामग्री की जांच के बाद ही यह तय होगा कि किन मामलों को मौजूदा जांच में शामिल किया जाएगा और जांच को किन अन्य परीक्षा केंद्रों या जिलों तक विस्तार दिया जाएगा। यानी फिलहाल जांच की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन शिकायतों की संख्या और सामने आ रही सामग्री को देखते हुए इसके दायरे में और परीक्षा केंद्रों के आने की संभावना बनी हुई है।

EOU ने सार्वजनिक किया था शिकायत का रास्ता

दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित धांधली की जांच के दौरान EOU ने छात्रों और अभ्यर्थियों से गोपनीय शिकायतें मांगी थीं। इसके लिए जांच एजेंसी की ओर से टोल फ्री नंबर, व्हाट्सऐप नंबर और ईमेल आईडी की जानकारी सार्वजनिक की गई थी।इसका उद्देश्य यह था कि जिन अभ्यर्थियों के पास परीक्षा में कथित अनियमितता से संबंधित कोई जानकारी, दस्तावेज, तस्वीर या वीडियो है, वे जांच एजेंसी तक उसे पहुंचा सकें। इसके बाद सामने आई शिकायतों और सामग्री की जांच की जा रही है।

सरकार ने फिलहाल भर्ती प्रक्रिया रोकी

1799 दरोगा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बीच राज्य सरकार ने फिलहाल बहाली प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। अब परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला नवगठित परीक्षा सुधार कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा।सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा के लिए कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी करीब तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। रिपोर्ट में परीक्षा प्रणाली, प्रक्रिया में संभावित खामियों और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के उपायों को लेकर सुझाव दिए जाने की उम्मीद है।इसके बाद सरकार यह तय करेगी कि 1799 दरोगा पदों की भर्ती प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाया जाए।

अभ्यर्थियों की नजर अब जांच और कमेटी की रिपोर्ट पर

दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद के बीच हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब EOU की जांच और परीक्षा सुधार कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है। एक तरफ जांच एजेंसी अलग-अलग शिकायतों, तस्वीरों और वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ सरकार परीक्षा प्रक्रिया की समीक्षा के लिए कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार करेगी।

ऐसे में आने वाले दिनों में यदि अन्य जिलों से मिली शिकायतों की पुष्टि होती है या जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो 1799 दरोगा भर्ती परीक्षा का मामला और पेचीदा हो सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शिकायतों में लगाए गए आरोप जांच में सही साबित होते हैं और क्या इसका असर पूरी भर्ती प्रक्रिया पर पड़ता है।