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Bihar Corona Returns: राज्य में कोरोना की दस्तक, पटना में मिले 2 पॉजिटिव मरीज

Bihar Corona Returns: पटना में एक साल बाद कोरोना की वापसी, निजी अस्पताल में दो मरीज पॉजिटिव। सर्दी-खांसी और सांस की तकलीफ के बाद जांच में हुआ खुलासा।

Bihar Corona Returns
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar Corona Returns: बिहार की राजधानी पटना में करीब एक साल बाद कोरोना वायरस के दो नए मामले सामने आए हैं, जिसने स्वास्थ्य प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है। बेली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती दो मरीजों की कोविड-19 जांच पॉजिटिव आई है। ये मरीज चार दिन पहले सर्दी, खांसी, बुखार, और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे थे।


जांच में दोनों के ऑक्सीजन स्तर में कमी पाई गई, जिसके बाद उनकी कोविड टेस्टिंग की गई। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी सिविल सर्जन कार्यालय को दे दी है, और सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने कहा कि दोनों मरीजों की रिपोर्ट की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई होगी।


अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, एक मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे भर्ती किया गया है, जबकि दूसरा मरीज ओपीडी स्तर पर इलाज के बाद ठीक हो गया। एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में तीन-चार अन्य मरीज भी सर्दी, खांसी, और सांस में तकलीफ जैसे लक्षणों के साथ आए थे। उन्हें कोविड जांच की सलाह दी गई, लेकिन उन्होंने टेस्ट नहीं कराया। यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि पटना में एक साल बाद कोरोना के मामले सामने आए हैं। देश में भी कोविड के सक्रिय मामले बढ़ रहे हैं, और बिहार में इसकी वापसी ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है।


पटना में इन मामलों के सामने आने के बाद अस्पतालों को कोविड प्रोटोकॉल सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों की जांच बढ़ाने और कोविड वार्ड्स को तैयार रखने की हिदायत दी है। मरीजों के पॉजिटिव पाए जाने की खबर ने स्थानीय लोगों में चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि बिहार पहले भी कोविड की लहरों से प्रभावित रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सावधानी बरतने, मास्क पहनने, और सर्दी-खांसी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।


ये ताजा मामले बिहार के लिए एक चेतावनी है कि कोरोना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने और स्वच्छता का ध्यान रखने को कहा है। सिविल सर्जन कार्यालय की अंतिम पुष्टि के बाद मरीजों के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और अन्य जरूरी कदम उठाए जाएंगे।