1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 06 Jan 2026 07:57:26 AM IST
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Bihar land reform : भागलपुर के टाउन हॉल में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम में बिहार के उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भू-माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अब जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं की जड़ में भू-माफिया की गहरी पैठ एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, जिसे खत्म करने के लिए सरकार निर्णायक कदम उठा रही है।
उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में सक्रिय भू-माफिया की सूची पुलिस अधीक्षक के सहयोग से अविलंब तैयार कर मुख्यालय भेजें। उन्होंने साफ कहा कि सूची मिलते ही सरकार के स्तर पर ठोस और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान केवल कागजी नहीं होगा, बल्कि जमीन पर असर दिखेगा, ताकि आम नागरिक बिना भय के अपनी जमीन से जुड़े अधिकारों का उपयोग कर सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सभी प्रमुख सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और आम जनता को दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना है। हालांकि, ऑनलाइन प्रक्रिया में आम लोगों को हो रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हर अंचल कार्यालय में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) खोलने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों पर कंप्यूटर प्रशिक्षित वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) मामूली शुल्क पर न सिर्फ आवेदन करेंगे, बल्कि सही परामर्श भी देंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति तकनीकी वजहों से वंचित न रह जाए।
उप मुख्यमंत्री ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी कामों में बाधा डालने वाले तत्वों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अब ऐसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को यह अधिकार दे दिया गया है कि वे फर्जी कागजात या गलत मंशा से कार्य बाधित करने वालों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सकें। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि इस अधिकार का निर्भीक और सही दिशा में उपयोग करते हुए भू-माफिया और दलालों को सीधे जेल भेजने की कार्रवाई करें।
विजय कुमार सिन्हा ने यह भी जानकारी दी कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए पटना के ज्ञान भवन में राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारियों की एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दो टूक कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली के केंद्र में बिहार की जनता है। पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी ही शासन की बुनियाद है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के बिचौलिये, दलाल या भू-माफिया की संलिप्तता अब स्वीकार्य नहीं होगी। सही और वैध व्यक्ति को किसी भी स्थिति में पीड़ित नहीं होने दिया जाएगा, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल भी उपस्थित रहे। उन्होंने विभागीय योजनाओं और सुधारात्मक कदमों की जानकारी साझा की और भरोसा दिलाया कि सरकार आम जनता की जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनकल्याण संवाद में बड़ी संख्या में आम लोग और अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार की इस पहल का स्वागत किया।