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Bihar Bandh : पुलिस लाठीचार्ज के बाद बिहार बंद का ऐलान, जानिए 25 जुलाई को क्या-क्या रहेगा बंद

NEET पेपर लीक और पटना में छात्र प्रदर्शन पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में 25 जुलाई को बिहार बंद का ऐलान। जानिए बंद की वजह, मांगें और संभावित असर।

Bihar band
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© Ai photo
Tejpratap
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Bihar bandh :  नीट पेपर लीक के मुद्दे पर बिहार में शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राज्यव्यापी स्वरूप लेता नजर आ रहा है। राजधानी पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया गया है। आइसा समेत कई वामपंथी छात्र और युवा संगठनों ने संयुक्त रूप से पूरे राज्य में बंद की घोषणा की है। इस फैसले के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।


छात्र संगठनों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनका आरोप है कि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। इसी के विरोध में शनिवार को बिहार बंद आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न छात्र, युवा और वामपंथी संगठन भाग लेंगे।


प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई मांगें सामने रखी हैं। उनकी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है। इसके अलावा नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। छात्र संगठनों का कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।


पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और झड़प की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई के बाद आंदोलन और अधिक तेज हो गया। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना पर्याप्त चेतावनी के बल प्रयोग किया, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।


राजधानी की घटनाओं का असर अब अन्य जिलों में भी दिखाई देने लगा है। गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, आरा और अन्य शहरों में भी छात्र संगठनों ने प्रदर्शन तेज कर दिया है। कई स्थानों पर विरोध मार्च, धरना और सभा आयोजित की जा रही है। आंदोलन के विस्तार को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।


सूत्रों के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है ताकि बंद के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।


छात्र संगठनों ने दावा किया है कि बिहार बंद के दौरान विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का भी उन्हें समर्थन मिलेगा। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


नीट पेपर लीक का मामला पिछले कुछ समय से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। बिहार में इस मुद्दे को लेकर छात्रों में लगातार नाराजगी देखी जा रही है। अब 25 जुलाई को प्रस्तावित बिहार बंद को आंदोलन की अगली बड़ी कड़ी माना जा रहा है। बंद का असर परिवहन, बाजार और शैक्षणिक संस्थानों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जबकि प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को सामान्य बनाए रखने की तैयारी शुरू कर दी है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार और छात्र संगठनों के बीच जल्द संवाद नहीं हुआ तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल पूरे राज्य की नजर 25 जुलाई के बिहार बंद और उससे जुड़ी गतिविधियों पर टिकी हुई है।