Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में ग्रामीण सड़क पर गरमाई बहस, अशोक चौधरी ने 170 करोड़ खर्च का दिया हिसाब; नीतीश कुमार ने दी जन्मदिन की बधाई

बिहार विधानसभा में ग्रामीण सड़क को लेकर तीखी बहस हुई। अशोक चौधरी ने 170 करोड़ खर्च का दावा किया, वहीं नीतीश कुमार ने सदन में दी जन्मदिन की बधाई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 25 Feb 2026 12:04:17 PM IST

Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में ग्रामीण सड़क पर गरमाई बहस, अशोक चौधरी ने 170 करोड़ खर्च का दिया हिसाब; नीतीश कुमार ने दी जन्मदिन की बधाई

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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब राजद विधायक शंभू ने अपने विधानसभा क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों की स्थिति को लेकर सरकार पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के बड़े-बड़े सपने दिखा रही है, बजट में भारी भरकम राशि का प्रावधान कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब भी लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।


शंभू ने कहा कि यदि सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है, तो उनके क्षेत्र की कई ग्रामीण सड़कों की हालत दयनीय क्यों है? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या योजनाओं की घोषणा और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच कोई बड़ा अंतर है? उनके सवालों के दौरान सदन में विपक्ष की ओर से भी समर्थन में आवाजें उठीं, जिससे माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।


इस पर ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने शुरुआत में शांत लहजे में जवाब दिया। उन्होंने विभाग द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत ब्यौरा सदन के सामने रखा। मंत्री ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में संबंधित विधानसभा क्षेत्र को लगभग 170 करोड़ रुपये की राशि दी गई। इस राशि से 50 सड़कों का निर्माण कराया गया, जिनकी कुल लंबाई 184 किलोमीटर है। इसके अलावा दो पुलों का भी निर्माण कराया गया है।


अशोक चौधरी ने विपक्षी विधायक पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि सरकार झूठे सपने दिखा रही है, तो फिर इतनी बड़ी राशि उनके क्षेत्र को कैसे आवंटित की गई? उन्होंने यह भी कहा कि यह सब आंकड़े सरकारी अभिलेखों में दर्ज हैं और किसी से छिपे नहीं हैं। मंत्री ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि इस विषय पर उन्हें अपने नेता तेजस्वी यादव से भी पूछना चाहिए कि जब ग्रामीण कार्य विभाग उनके पास था, तब संबंधित क्षेत्र में कितना विकास कार्य हुआ।


मंत्री के इस जवाब के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। स्थिति ऐसी हो गई कि कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित होने की आशंका पैदा हो गई। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी सीट से खड़े हो गए। हालांकि उन्होंने मूल सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं की, बल्कि सदन को एक अलग ही सूचना दी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी का जन्मदिन है, इसलिए सदन के सभी सदस्यों को उन्हें जन्मदिन की बधाई देनी चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन का माहौल अचानक बदल गया। जो सदन कुछ देर पहले आरोप-प्रत्यारोप से गूंज रहा था, वहां तालियों की आवाज सुनाई देने लगी।


इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने भी अपनी ओर से और पूरे सदन की तरफ से अशोक चौधरी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में बहस और असहमति स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत संबंधों और सदन की गरिमा को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।


इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि बिहार विधानसभा में राजनीतिक तकरार के बीच भी मानवीय और सौहार्दपूर्ण क्षण निकल आते हैं। जहां एक ओर विकास कार्यों को लेकर तीखी बहस हुई, वहीं दूसरी ओर जन्मदिन की बधाई के साथ सदन का वातावरण सकारात्मक हो गया।