1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 20 Feb 2026 09:50:28 AM IST
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Bihar Vidhan Sabha : बिहार की राजनीति के लिहाज से आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 14वां दिन है। सत्र के इस चरण में जहां सरकार अपने वित्तीय एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष आरक्षण के दायरे को बढ़ाने और राज्य की कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार किए हुए है। ऐसे में सदन की कार्यवाही के हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं।
सदन की कार्यवाही आज निर्धारित समय पर शुरू होगी। शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें विपक्षी सदस्य सरकार से विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल पूछेंगे। प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क निर्माण और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है। विशेष रूप से आरक्षण के दायरे को बढ़ाने की मांग को लेकर विपक्ष सरकार से स्पष्ट जवाब चाहता है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।
प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल की कार्यवाही शुरू होगी। शून्यकाल में विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े तात्कालिक और जनहित के मुद्दे उठाते हैं। इस दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा जा सकता है। हाल के दिनों में अपराध की घटनाओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर रहा है। ऐसे में शून्यकाल में यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया जा सकता है।
इसके उपरांत सदन में स्थगन प्रस्ताव लाया जाएगा। इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विभिन्न दलों के सदस्य अपने विचार रखेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रस्ताव को लेकर भी सदन में बहस तेज हो सकती है, क्योंकि इससे जुड़े राजनीतिक और सामाजिक पहलुओं पर अलग-अलग दलों की अपनी-अपनी राय है।
इस प्रस्ताव के बाद ध्यान आकर्षण प्रस्ताव की बारी आएगी। ध्यान आकर्षण के माध्यम से विधायक किसी महत्वपूर्ण और तात्कालिक विषय पर सरकार का ध्यान खींचते हैं। संभावना है कि आरक्षण विस्तार, बेरोजगारी, महंगाई और प्रशासनिक लापरवाही जैसे विषयों पर ध्यान आकर्षण प्रस्ताव लाया जाए। इस दौरान संबंधित मंत्री को जवाब देना होगा और यदि जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो सदन में हंगामा भी हो सकता है।
पूर्वाह्न की कार्यवाही के बाद सदन को भोजनावकाश के लिए स्थगित कर दिया जाएगा। दोपहर 2:00 बजे पुनः कार्यवाही शुरू होगी। दोपहर के सत्र में वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों की अनुदानों की मांग पर चर्चा और मतदान होगा। यह बजट सत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि इसी के आधार पर राज्य के विभिन्न विभागों को वित्तीय स्वीकृति मिलती है।
अनुदानों की मांग पर चर्चा के दौरान विपक्ष सरकार की नीतियों और खर्च की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाएगा। वहीं सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों और योजनाओं का बचाव करेगा। चर्चा के बाद मतदान की प्रक्रिया होगी, जिसमें अनुदानों को पारित किया जाएगा। यदि विपक्ष की ओर से कटौती प्रस्ताव लाए जाते हैं तो उन पर भी बहस और मतदान होगा।
कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा के बजट सत्र का 14वां दिन राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। आरक्षण विस्तार, कानून-व्यवस्था और वित्तीय प्रावधान जैसे मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने होंगे। आज की कार्यवाही से राज्य की राजनीति की दिशा और सरकार की प्राथमिकताओं की स्पष्ट झलक देखने को मिल सकती है।