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बिहार के शिक्षकों के लिए जरूरी खबर, ई-शिक्षा कोष में अधूरा डेटा से बढ़ सकती है परेशानी; जल्दी करें यह काम

Bihar Teacher News: बिहार के करीब 52 हजार शिक्षकों का ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर डेटा अधूरा है, जिससे ट्रांसफर, प्रमोशन और वेतन बढ़ोतरी प्रभावित होने की आशंका है।

Bihar Teacher News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Teacher News: बिहार के करीब 52 हजार सरकारी शिक्षकों के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अधूरा बायोडाटा बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। शिक्षकों के रिकॉर्ड में डेटा अधूरा या गलत रहने से ट्रांसफर-पोस्टिंग, प्रमोशन और वेतन बढ़ोतरी जैसी प्रक्रियाएं प्रभावित होने की आशंका है। 



इसके अलावा सर्विस बुक, छुट्टी और रिटायरमेंट से जुड़े क्लेम पर भी इसका असर पड़ सकता है। शिक्षा विभाग लंबे समय से शिक्षकों का डेटा ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपडेट कराने में जुटा है। कई बार रिमाइंडर जारी किए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षकों की प्रोफाइल अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।



रिकॉर्ड में कई तरह की गड़बड़ियां

शिक्षकों के ऑनलाइन रिकॉर्ड में अलग-अलग तरह की कमियां सामने आ रही हैं। कहीं जन्मतिथि अधूरी है तो कहीं ज्वाइनिंग डेट में विसंगति है। कुछ शिक्षकों के आधार, पैन और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित जानकारी पूरी नहीं है, जबकि कई मामलों में निवास और जाति से जुड़ी जानकारी का मिलान नहीं हो पा रहा है। डेटा अधूरा या गलत होने की वजह से विभाग को डेटा मैपिंग और स्कोर तैयार करने में परेशानी हो रही है। इसका सीधा असर स्कूल आवंटन और ट्रांसफर जैसी प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है।



इन जिलों में रिकॉर्ड अपडेट का काम पिछड़ा

उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में शिक्षकों के रिकॉर्ड अपडेट करने का काम अपेक्षाकृत धीमा बताया जा रहा है। पटना में करीब 5,500 शिक्षकों का ट्रांसफर शहरी-ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े विवाद के कारण अटका बताया जा रहा है। कटिहार में करीब 5,200 शिक्षकों की ज्वाइनिंग डेट और वेतन पर्ची में विसंगतियां सामने आई हैं।



वहीं गयाजी में लगभग 4,500 शिक्षकों का डेटा ब्लॉक स्तर पर लंबित बताया गया है।  पूर्वी चंपारण में करीब 4,000 शिक्षकों के सेवा अभिलेख 'नॉट फाउंड' बताए गए हैं जबकि मुजफ्फरपुर में लगभग 3,000 शिक्षकों की रोस्टर और विषयवार मैपिंग अभी पूरी नहीं हुई है।



शिक्षकों को बायोडाटा अपडेट करना अनिवार्य

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपना बायोडाटा अपडेट करना अनिवार्य है। शिक्षकों को विषयवार योग्यता, पारिवारिक स्थिति समेत सभी जरूरी जानकारी सही तरीके से दर्ज करनी होगी। विभाग ने तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए जिलों में नोडल DPO और तकनीकी सहायकों की तैनाती की है। सेवा पुस्तिका की जांच के बाद 48 घंटे के भीतर डेटा अपडेट करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता