Bihar News : बिहार में भूमिहीन परिवारों को घर बनाने के लिए 3 डिसमिल जमीन देने की योजना को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं पटना पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय के बाहर पिछले करीब एक सप्ताह से रोजाना महिलाओं की भीड़ जुट रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों से महिलाएं जमीन के लिए आवेदन देने राजधानी पहुंच रही हैं। शुक्रवार को भी मुख्यमंत्री सचिवालय के बाहर सैकड़ों महिलाओं की लंबी कतार दिखाई दी।
हालांकि, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि 3 डिसमिल जमीन के लिए आवेदन देने के लिए पटना आने की कोई जरूरत नहीं है। पात्र लाभार्थियों को अपने संबंधित अंचल कार्यालय में ही आवेदन जमा करना है। विभाग ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवेदन स्वीकार किए जाएं और आवेदकों को इसकी प्राप्ति रसीद भी दी जाए।
करीब 8 हजार महिलाओं को मिली पावती
मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंच रही महिलाओं से आवेदन लिए जा रहे हैं और उन्हें पावती रसीद दी जा रही है। शुक्रवार शाम तक करीब 8 हजार महिलाओं को आवेदन की पावती दिए जाने की बात सामने आई। इन आवेदनों को संबंधित अंचल और सीओ कार्यालयों में भेजा जाएगा, ताकि पात्रता के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
अधिकारियों ने महिलाओं को समझाया कि वासभूमि के लिए उन्हें पटना आने की जरूरत नहीं है। आवेदन उनके अपने अंचल में ही लिया जाना है। सरकार की योजना का लाभ पाने के लिए स्थानीय स्तर पर आवेदन करना ही निर्धारित प्रक्रिया है।
आखिर पटना क्यों पहुंच रही हैं महिलाएं?
पटना पहुंचीं कई महिलाओं का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि घर बनाने के लिए सरकार जमीन उपलब्ध करा रही है और इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में आवेदन देना होगा। इसी जानकारी के आधार पर महिलाएं अलग-अलग जिलों से पटना पहुंचने लगीं।
राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आवेदन प्रक्रिया को लेकर गलत जानकारी फैलने के कारण बड़ी संख्या में लोग राजधानी पहुंच रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अफवाह या अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और सीधे अपने अंचल कार्यालय में आवेदन जमा करें।
भीड़ के बाद सरकार ने सभी सीओ को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री सचिवालय के बाहर लगातार बढ़ रही भीड़ के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शुक्रवार को सभी अंचलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। इसमें अभियान बसेरा के तहत संभावित वासभूमिहीन लाभार्थियों से आने वाले आवेदनों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
विभाग ने कहा कि पात्र लाभार्थियों के आवेदन लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। आवेदन प्राप्त करने के बाद उसकी पावती भी अनिवार्य रूप से दी जाए।
अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी गई कि अगर किसी आवेदक को अंचल कार्यालय में आवेदन जमा नहीं करने दिया गया और उसे आवेदन देने के लिए पटना आना पड़ा, तो संबंधित अंचलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के अनुसार 92 हजार परिवारों को मिल चुकी वासभूमि
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पात्र वासभूमिहीन परिवारों को जमीन के अधिकार से वंचित नहीं होने देना है। विभाग के अनुसार अभियान बसेरा के तहत अब तक करीब 92 हजार परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
विभाग के मुताबिक, एससी, एसटी, पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के पात्र भूमिहीन परिवारों को घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। 15 अगस्त को भी राज्यभर में करीब 30 हजार परिवारों को वासभूमि का पर्चा दिए जाने की जानकारी दी गई थी।
3 डिसमिल जमीन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?
लाभार्थियों को आवेदन के साथ परिवार के सदस्यों की जानकारी और मोबाइल नंबर देना होगा। इसके अलावा आवेदक, पति-पत्नी और वयस्क पारिवारिक सदस्यों के आधार कार्ड की जरूरत होगी।
आवेदन के साथ जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, वोटर आईडी और आवासीय प्रमाण पत्र भी देना होगा। परिवार का सामूहिक फोटो और जमीन उपलब्ध नहीं होने से संबंधित शपथ पत्र भी मांगा जा सकता है।
यदि कोई परिवार पहले से सरकारी जमीन पर रह रहा है तो उसे संबंधित जमीन का मौजा, खाता-खेसरा और निवास से जुड़े साक्ष्य भी उपलब्ध कराने होंगे।
पटना आने के बजाय अपने अंचल में करें आवेदन
सरकार की ओर से साफ किया गया है कि 3 डिसमिल जमीन के लिए आवेदन जमा करने का स्थान मुख्यमंत्री सचिवालय नहीं, बल्कि संबंधित अंचल कार्यालय है। इसलिए लाभार्थियों को राजधानी की दौड़ लगाने के बजाय अपने नजदीकी अंचल कार्यालय में आवेदन करना चाहिए।
विभाग ने यह भी कहा है कि लोगों को गलत जानकारी देकर पटना बुलाने वाले समूहों या संगठनों की पहचान की जा रही है। ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।





