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पटना में भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला का आयोजन, मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कार्यप्रणाली सुधारने का दिया निर्देश

पटना के ज्ञान भवन में भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला आयोजित हुई, जहां उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने समयबद्ध कार्य, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था पर जोर दिया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 19, 2025, 3:30:40 PM

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अधिकारियों को कड़ा निर्देश - फ़ोटो social media

PATNA: पटना के ज्ञान भवन में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय कार्यप्रणाली में ठोस सुधार और समयबद्ध निष्पादन को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया। कार्यशाला के अंतिम सत्र में उन्होंने सभी अधिकारियों से हाथ उठवाकर यह आश्वासन लिया कि विभागीय कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएंगे। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ ईमानदारी, पारदर्शिता और कानून के पालन की शपथ दिलाई गई।


कार्यशाला के दौरान प्रधान सचिव सीके अनिल ने दाखिल–खारिज, परिमार्जन प्लस, ई–मापी सहित विभागीय सेवाओं में आम नागरिकों को हो रही परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदन संवीक्षा के नाम पर अनावश्यक रीवर्ट, बेवजह आपत्ति और अतिरिक्त दस्तावेज मांगने की प्रवृत्ति रैयतों को परेशान कर रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी दाखिल–खारिज आवेदन लंबित न रहे और किसी भी स्थिति में 75 दिन की समय-सीमा का उल्लंघन न हो। बिना ठोस कारण के आवेदन अस्वीकृत करने पर सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए।


उन्होंने कहा कि परिमार्जन प्लस के मामलों में मामूली सुधार, लगान संशोधन, नाम अथवा कुल रकबा सुधार जैसे प्रकरणों का त्वरित निष्पादन कर रैयत–हित में सकारात्मक संदेश देने की जरूरत है। सीके अनिल ने अनावश्यक मापी और लंबे समय तक आवेदन लंबित रखने को जनता में असंतोष का कारण बताया गया। ई–मापी मामलों में भुगतान के बाद समय पर मापी तिथि निर्धारित नहीं होने पर चिंता जताते हुए अमीनों की उपलब्धता का बेहतर प्रबंधन कर समयबद्ध मापी सुनिश्चित करने को कहा गया। लॉक–अनलॉक जमाबंदी मामलों में दी गई विभागीय सहूलियतों का समुचित उपयोग करने और अनावश्यक पत्राचार से बचने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने लैंड बैंक बनाने और सरकारी जमीन की गलत जमाबंदी के मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।


कार्यशाला में विभाग के सचिव जय सिंह ने अभियान बसेरा 2 के तहत गृहविहीन परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और पंचायत स्तर पर उपलब्ध सरकारी भूमि के सही उपयोग पर विशेष जोर दिया। तालाब, पोखर और रास्तों पर अतिक्रमण के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया। साथ ही समाहर्ता, अपर समाहर्ता एवं भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को सप्ताह में कम से कम चार से पांच दिन नियमित कोर्ट संचालन का आदेश दिया गया, ताकि वादियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने एमआईएस के माध्यम से सतत निगरानी, साप्ताहिक समीक्षा और टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विभाग सभी गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी कर रहा है और 31 दिसंबर तक कार्यप्रणाली में ठोस सुधार अपेक्षित है। नए वर्ष में नई ऊर्जा और नई सोच के साथ जनता का भरोसा जीतने का संकल्प उन्होंने दोहराया।


मौके पर सचिव गोपाल मीणा, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, सचिव सह चकबंदी निदेशक राकेश कुमार, भू अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी चंद्रिमा अत्री, अपर सचिव डॉ. महेंद्र पॉल, सहायक निदेशक सह संयुक्त सचिव आजीव वत्सराज, उप निदेशक मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी सुधा रानी, अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी,आईटी मैनेजर आनंद प्रकाश समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।