1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 05 Jan 2026 03:24:15 PM IST
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Land Reform Jan Kalyan Samvad : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा शुरू किया गया भूमि सुधार जनकल्याण संवाद अब केवल एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह आम लोगों की भूमि से जुड़ी जटिल समस्याओं के समाधान का एक सशक्त और भरोसेमंद मंच बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में भागलपुर के टाउन हॉल में आयोजित जनकल्याण संवाद कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस संवाद का उद्देश्य केवल मंच से भाषण देना नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, समझना और नियमसम्मत समाधान को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि भूमि सुधार और भूमि विवाद अत्यंत जटिल विषय हैं, जिनमें केवल कानूनी प्रावधानों की जानकारी ही नहीं, बल्कि जमीनी वास्तविकताओं की गहरी समझ भी आवश्यक है। इसी सोच के तहत अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों में प्रमंडलवार और जिलावार जनसंवाद आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि सीधे जनता से प्राप्त फीडबैक के आधार पर पारदर्शी, जनहितकारी और स्थायी नीतियां बनाई जा सकें।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग की सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं। आम लोगों को इन सेवाओं का सहज लाभ मिले, इसके लिए 12 दिसंबर से पटना से जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई। ऑनलाइन आवेदन में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी सेंटर खोले गए हैं, जहां कंप्यूटर प्रशिक्षित वीएलई मामूली शुल्क पर आवेदन करने के साथ-साथ उचित परामर्श भी उपलब्ध कराएंगे।
कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “जहां बीमारी ज्यादा होती है, वहां भीड़ भी बढ़ती है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि हंगामा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि शांतिपूर्ण संवाद से ही रास्ता निकलता है। इसी क्रम में उन्होंने फर्जी कागजात के आधार पर कार्यों में बाधा डालने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे तत्वों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अधिकार दे दिया गया है और इस अधिकार का सही उपयोग कर भू-माफिया जैसे असामाजिक तत्वों को जेल भेजा जाए।
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए पटना के ज्ञान भवन में राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारियों की एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में अधिकारियों को जनता की परेशानियों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने दो टूक कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली के केंद्र में बिहार की जनता है। पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। किसी भी प्रकार के बिचौलिये, दलाल या भू-माफिया की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सही व्यक्ति किसी भी स्थिति में पीड़ित नहीं होगा, जबकि नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई तय है।
अपने अब तक के कार्यों की जानकारी देते हुए माननीय उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से राजस्व अभिलेखों की सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है, जिसे पूर्ण वैधानिक मान्यता प्राप्त है। नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की व्यवस्था तय कर दी गई है। एससी/एसटी पर्चाधारियों को शत-प्रतिशत दखल दिलाने के लिए ऑपरेशन भूमि दखल देहानी की शुरुआत की गई है। वहीं परिमार्जन प्लस के अंतर्गत मामलों के निष्पादन के लिए 15, 35 और 75 कार्य दिवस की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है।
उन्होंने बताया कि पारिवारिक बंटवारा पोर्टल के माध्यम से अब बंटवारा और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया और अधिक सरल हो गई है। पुराने दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और मापी के मामलों के निष्पादन के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। आम जनता को थाने जाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए हर शनिवार को थाना की जगह अंचल कार्यालय में जनता दरबार लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही राजस्व कर्मचारियों को अपने-अपने पंचायत में बैठकर काम करने का निर्देश दिया गया है।
मापी के बाद प्रतिवेदन को ऑनलाइन अपलोड करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी भूमि की गलत जमाबंदी पर तत्काल स्थगन के आदेश दिए गए हैं और सभी जिलों में लैंड बैंक निर्माण के निर्देश जारी किए गए हैं। फर्जी कागजात के आधार पर व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर प्रत्येक अंचल में प्राथमिकी दर्ज करने के सख्त आदेश भी दिए गए हैं। सभी अंचल कार्यालयों में सूचना पट और शिकायत पेटी अनिवार्य कर दी गई है, ताकि आम लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि बेहतर कार्य करने वाले टॉप तीन अंचल अधिकारियों को विभागीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनैतिक आचरण पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले अध्यक्षीय भाषण में विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने उपस्थित जनसमूह को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह एक नई और ईमानदार पहल है, जिसमें जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी श्री नवल किशोर चौधरी ने सभी अतिथियों का स्वागत पौधा और अंगवस्त्र देकर किया। कार्यक्रम का संचालन सचिव श्री गोपाल मीणा ने किया। इस अवसर पर विभाग और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।