Bettiah Raj Treasure: बेतिया राज के 200 करोड़ के खजाने का जल्द खुलेगा राज, जानिए कहां रखे हैं बेशकीमती हीरे और जवाहरात

Bettiah Raj Treasure: बेतिया राज की अंतिम महारानी जानकी कुंवर की तिजोरी में 200 करोड़ रुपये से भी अधिक मूल्य के हीरे, सोने के आभूषण और ऐतिहासिक दस्तावेज मौजूद हैं। बिहार सरकार इस तिजोरी को खुलवाने की तैयारी कर रही है।

1st Bihar Published by: KHUSHBOO GUPTA Updated Apr 11, 2025, 12:31:57 PM

Bettiah Raj Treasure

बेतिया राज के 200 करोड़ के खजाने का जल्द खुलेगा राज - फ़ोटो सांकेतिक तस्वीर

Bettiah Raj Treasure: प्रयागराज के भारतीय स्टेट बैंक की त्रिवेणी शाखा में बेतिया राज की महारानी जानकी कुंवर की एक तिजोरी रखी है। इस तिजोरी में 200 करोड़ रुपये से अधिक के हीरे और सोने के जेवरात होने की उम्मीद है। बिहार सरकार अब इस तिजोरी को खुलवाने की तैयारी कर रही है। इस तिजोरी को खोलने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया है।


तिजोरी खोलने के लिए बनी कमेटी

तिजोरी में ऐतिहासिक दस्तावेज और कीमती सामान भी हैं। जिला प्रशासन ने तिजोरी खोलने के लिए एक कमेटी भी बना दी है। उम्मीद है कि इसी अप्रैल में ही तिजोरी का ताला खोल दिया जाएगा। बेतिया राज की महारानी जानकी कुंवर की तिजोरी में कई रहस्य छिपे हैं। इस तिजोरी में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा के हीरे और सोने के जेवरात के साथ-साथ ऐतिहासिक दस्तावेज भी हैं। बिहार सरकार बेतिया राज के आखिरी राजा हरेंद्र किशोर सिंह और उनकी पत्नी जानकी कुंवर की संपत्ति को अपने कब्जे में लेने जा रही है।


तिजोरी में रखे जेवरात को बिहार के संग्रहालय में रखा जाएगा

इसके लिए उनकी सभी संपत्तियों की खोजबीन की जा रही है। रानी जानकी कुंवर अपने अंतिम समय में प्रयागराज में ही रहीं। इसलिए उनकी एक तिजोरी एसबीआई की शाखा में रखी हुई है। तिजोरी में रखे जेवरात को बिहार के संग्रहालय में रखा जाएगा। आपको बता दे कि बेतिया राजघराने के आखिरी राजा हरेंद्र किशोर सिंह ने जानकी कुंवर से दूसरी शादी की थी। शादी के 22 दिन बाद ही 26 मार्च 1893 को उनका निधन हो गया। उनकी पहली पत्नी रतन कुंवर ने राजभार संभाला, लेकिन 24 मार्च 1896 को उनकी भी मृत्यु हो गई। इसके बाद दूसरी पत्नी जानकी ने साम्राज्य संभाला, लेकिन अंग्रेजों ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। जिसके बाद जानकी प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित महल में रहने लगीं। 24 नवंबर 1954 को इसी भवन में उनका निधन हो गया। 


तिजोरी में मोतियों की माला, नवरत्न नेकलेस, स्वर्ण जड़ित पलंग, सोने का चंद्रहार है

बिहार राजस्व परिषद के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से तिजोरी को बाहर निकाला जाएगा। बेतिया राज के अभिलेखागार में मौजूद रिकॉर्ड बताते हैं कि महारानी जानकी कुंवर के जीवनकाल में ही 1939 में कई कीमती हीरे, मोती, सोने के आभूषण और अन्य जवाहरात तत्कालीन राज प्रबंधक ने इंपीरियल बैंक पटना और इंपीरियल बैंक इलाहाबाद की शाखाओं में सुरक्षित रखवा दिए थे। खबरों के मुताबित,  इन आभूषणों और कीमती सामानों में मोतियों की माला, नवरत्न नेकलेस, स्वर्ण जड़ित पलंग, सोने का चंद्रहार आदि शामिल हैं।