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Bankipur By Election : अंतिम समय में BJP ने बांकीपुर सीट के कैंडिडेट का नाम बदला ...., यदि विश्वास नहीं हो रहा तो खुद प्रदेश अध्यक्ष का बयान सुनिए

बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार बंटी के नामांकन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने मंच से उनका नाम गलत बता दिया। अभिषेक बंटी की जगह आशीष सिन्हा बंटू कहने का वीडियो वायरल, कार्यशैली पर उठे सवाल।

Bankipur By Election : अंतिम समय में BJP ने बांकीपुर सीट के कैंडिडेट का नाम बदला ...., यदि विश्वास नहीं हो रहा तो खुद प्रदेश अध्यक्ष का बयान सुनिए
Tejpratap
Tejpratap
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Bankipur By Election : बिहार विधानसभा के बांकीपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आधिकारिक तौर पर अभिषेक कुमार उर्फ़ बंटी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। गुरुवार को उनका नामांकन हो गया। हालांकि नामांकन से ठीक पहले ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी।


दरअसल, नामांकन कार्यक्रम में पहुंचे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मीडिया से बातचीत के दौरान पार्टी प्रत्याशी का नाम ही अलग बता दिया। उन्होंने अभिषेक कुमार बंटी"की जगह "आशीष सिन्हा बंटू" को बीजेपी का उम्मीदवार बताया। प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार का नाम लेकर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई?






यह घटना ऐसे समय हुई है जब बीजेपी बांकीपुर सीट को प्रतिष्ठा का चुनाव मानकर पूरी ताकत झोंक रही है। इसी के तहत आज अभिषेक का नामांकन हो गया है ऐसे में इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे  बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष से मीडिया ने सवाल किया तो उसके जवाब में उन्होंने कहा कि- "आज भारतीय जनता पार्टी के एनडीए समर्थित प्रत्याशी आशीष सिन्हा बंटू जी का नामांकन है, सभी एनडीए के नेताओं के साथ आज नामांकन कर रहे हैं। बांकीपुर के लोग प्रचंड बहुमत से भारतीय जनता पार्टी और एनडीए को जिताने वाले हैं, जब 3 अगस्त को रिजल्ट आएगा तो उसमें जरूर इससे पहले जो यहाँ के विधायक थे वर्तमान में हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं नितिन नवीन जी उनसे अधिक वोट से आशीष सिन्हा बंटू जी को जीत हासिल होगी।"


ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष जैसे शीर्ष नेता की जुबान से उम्मीदवार का अलग नाम निकलना कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है।सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह केवल जुबान फिसलने का मामला था, या फिर संगठन के भीतर अंतिम समय तक उम्मीदवार को लेकर किसी तरह का भ्रम बना हुआ था? हालांकि पार्टी की ओर से अब तक इस बयान पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।


गौरतलब हो कि, चुनाव के दौरान प्रत्याशी की पहचान ही सबसे महत्वपूर्ण होती है। जब पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष ही सार्वजनिक मंच से उम्मीदवार का नाम गलत बोल दें तो यह विपक्ष को हमला करने का मौका देने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के बीच भी भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है।


सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर यूजर्स भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे संगठनात्मक लापरवाही बता रहे हैं तो कुछ इसे सामान्य मानवीय भूल कह रहे हैं। हालांकि वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय जरूर बन गया है।


दिलचस्प बात यह भी है कि बीजेपी पहले ही साफ कर चुकी है कि बांकीपुर से उसका अधिकृत उम्मीदवार अभिषेक कुमार उर्फ़ बंटी ही हैं और उनके नामांकन की पूरी तैयारी की गई है। इसके बावजूद प्रदेश अध्यक्ष के बयान ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है।


अब सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि पार्टी के शीर्ष पद पर बैठा नेता उम्मीदवार का नाम सही तरीके से नहीं बता पा रहा है तो चुनावी तैयारी और आंतरिक समन्वय को लेकर क्या संदेश जा रहा है? क्या यह केवल एक सामान्य भूल है या फिर संगठन के भीतर संवाद की कमी का संकेत?


फिलहाल यह स्पष्ट है कि बीजेपी उम्मीदवार के रूप में अभिषेक कुमार बंटी ही मैदान में हैं और वही नामांकन दाखिल कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के बयान का वीडियो अब राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन चुका है।


अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह महज जुबान फिसलने की घटना थी, या फिर बीजेपी की चुनावी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला? इसका जवाब पार्टी की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगा।