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Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा आदेश! अब बिना अनुमति सभा-जुलूस किया तो होगी कार्रवाई

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू। चुनाव प्रचार, सभा, जुलूस और वाहनों के उपयोग पर अनुमति अनिवार्य, डीएम ने जारी किए सख्त निर्देश।

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Tejpratap
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Bihar News : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। इसके मद्देनजर पटना जिला प्रशासन ने चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश दिया है।


प्रशासन के निर्देश के अनुसार अब किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी या संगठन को सभा, जुलूस, धरना, प्रदर्शन अथवा चुनावी कार्यक्रम आयोजित करने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति आयोजित किसी भी कार्यक्रम पर कार्रवाई की जाएगी।


जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर या अन्य तेज ध्वनि वाले उपकरणों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई व्यक्ति या संगठन इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ निर्वाचन नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।


प्रशासन ने चुनाव प्रचार सामग्री को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल को किसी व्यक्ति अथवा प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर, पर्चे, फोटो या अन्य प्रचार सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने की अनुमति नहीं होगी। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, एसएमएस और अन्य डिजिटल माध्यमों से भी ऐसे संदेश साझा नहीं किए जा सकेंगे, जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हों या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की आशंका पैदा करते हों।


निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार धार्मिक स्थलों का उपयोग किसी भी प्रकार के राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा। मतदाताओं को डराने, धमकाने, प्रलोभन देने या किसी भी प्रकार से प्रभावित करने पर भी सख्त रोक रहेगी। इसके अलावा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली प्रचार सामग्री के उपयोग से भी बचने के निर्देश दिए गए हैं।


कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी, भाला, गड़ासा सहित अन्य घातक हथियारों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, यह प्रतिबंध परंपरागत रूप से शस्त्र धारण करने वाले समुदायों, चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों, पुलिस बल तथा लाइसेंसी हथियारों के निरीक्षण या जमा कराने के लिए ले जाए जा रहे शस्त्रों पर निर्धारित शर्तों के तहत लागू नहीं होगा।


चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों के उपयोग पर भी आयोग के नियम लागू होंगे। किसी भी वाहन का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल पूर्व अनुमति मिलने के बाद ही किया जा सकेगा। वाहनों पर प्रचार सामग्री लगाने या उनके स्वरूप में बदलाव करने के लिए भी सक्षम अधिकारी की स्वीकृति आवश्यक होगी।


प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश पहले से स्वीकृत कार्यक्रमों, शादी-बारात, शवयात्रा, हाट-बाजार, अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों, स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं तथा ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों और पुलिस बल पर लागू नहीं होगा।


जिलाधिकारी ने कहा कि उपचुनाव की घोषणा के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऐसे समय में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और मतदाताओं को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से निषेधाज्ञा लागू की गई है, ताकि चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी राजनीतिक दल आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में सहयोग करें।