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एशियन हॉस्पिटल के सर्जन डॉ पंकज कुमार बोले- शरीर में जोड़ों के दर्द की न करें अनदेखी, दर्द की ज्यादा दवा लेना भी खतरनाक

PATNA : पटना के पाटलिपुत्रा कॉलोनी स्थित एशियन हॉस्पिटल के ज्वाइंट रिप्लेसमेंट एवं स्पाइन सर्जन डॉ. पंकज कुमार ने कहा है कि शरीर में जोड़ों के दर्द की कभी अनदेखी नहीं करनी चाहिए तथा

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA : पटना के पाटलिपुत्रा कॉलोनी स्थित एशियन हॉस्पिटल के ज्वाइंट रिप्लेसमेंट एवं स्पाइन सर्जन डॉ. पंकज कुमार ने कहा है कि शरीर में जोड़ों के दर्द की कभी अनदेखी नहीं करनी चाहिए तथा कम से कम दर्द निरोधक दवा का सेवन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दर्द निरोधक दवा लेने से पहले हड्डी रोग विषेशज्ञ से जांच करवा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 40 की उम्र के बाद हर किसी को कम से कम आधा घंटा व्यायाम करना चाहिए, धूप भी षरीर में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज लोग ज्यादा सुविधाभोगी हो गये हैं। इस कारण वे पैदल टहलना भूलते जा रहे हैं जिससे जोड़ों का दर्द बढ़ रहा है।


डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि व्यायाम न करने की वजह से आजकल कम उम्र में भी आर्थराइटिस का प्रकोप बढ़ जाता है जिससे जोड़ों में दर्द खासकर घुटनों का दर्द काफी बढ़ जाता है। व्यायाम कर और दवा खाकर इससे निजात तो पाया जा सकता है लेकिन अत्यधिक उम्र बढ़ने के साथ घुटने के रिप्लेसमेंट की नौबत आ जाती है। उन्होनें कहा कि हमारे यहां घुटने तथा कूल्हे का रिप्लेसमेंट किया जाता है, वह भी सस्ती दर पर। घुटने के रिप्लेसमेंट में हमारे यहां कंप्यूटर नैविगेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है।


सर्जन डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि घुटने या कूल्हे के रिप्लेसमेंट के तीन-चार दिन बाद मरीज सामान्य रूप से काम करना या चलना आरम्भ कर देता है रिप्लेसमेंट के लिए सभी अत्याधुनिक मशीनें, उपकरण तथा सुविधाएं हमारे हॉस्पिटल में मौजूद हैं, जहां आम आदमी भी अपना इलाज करवा सकता है। रीढ़ की हड्डी का भी इलाज यहां दवा तथा ऑपरेशन से किया जाता है। उन्होंने कहा कि दर्द निरोधक दवा का ज्यादा सेवन किसी दूसरी बीमारी को जन्म दे सकता है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निरोधक दवाएं न लें।

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