Amrit Bharat Express : बिहार के मुजफ्फरपुर जंक्शन पर मंगलवार को उस समय यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जब हैदराबाद के चर्लपल्ली जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस का इंजन तकनीकी खराबी के कारण काम करना बंद कर दिया। स्थिति ऐसी बन गई कि रेलवे को तत्काल दूसरी ट्रेन का इंजन लगाकर अमृत भारत एक्सप्रेस को रवाना करना पड़ा। इस पूरी प्रक्रिया के कारण ट्रेन अपने निर्धारित समय से दो घंटे से अधिक की देरी से रवाना हुई।
जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर-चर्लपल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस को सुबह 11:25 बजे प्रस्थान करना था। हालांकि तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए रेलवे ने पहले ही ट्रेन को करीब 1 घंटे 35 मिनट के लिए री-शेड्यूल कर दिया था और इसका नया प्रस्थान समय दोपहर 1:00 बजे निर्धारित किया गया। लेकिन प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर खड़ी ट्रेन का इंजन अचानक जवाब दे गया।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इंजन में आवश्यक विद्युत आपूर्ति नहीं हो पा रही थी, जिसके कारण एयर प्रेशर नहीं बन सका। लोको पायलट और तकनीकी कर्मचारियों ने काफी प्रयास किए, लेकिन इंजन को चालू नहीं किया जा सका। इसके बाद रेलवे ने तत्काल निर्णय लेते हुए डाउन सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस का इंजन अलग कर अमृत भारत एक्सप्रेस के रैक से जोड़ दिया।
इंजन बदलने की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अमृत भारत एक्सप्रेस दोपहर 1:36 बजे चर्लपल्ली के लिए रवाना हो सकी। इस वजह से ट्रेन अपने तय समय से करीब 2 घंटे 11 मिनट की देरी से चली। यात्रियों को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा और कई लोगों ने रेलवे की तकनीकी व्यवस्था पर सवाल भी उठाए।
यह पहली बार नहीं है जब अमृत भारत एक्सप्रेस तकनीकी खराबी का शिकार हुई हो। करीब एक सप्ताह पहले भी गोरौल और भगवानपुर स्टेशन के बीच ट्रेन में ब्रेक बाइंडिंग की समस्या सामने आई थी। अचानक ब्रेक जाम हो जाने से ट्रेन बीच रास्ते में रुक गई थी, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। लगातार सामने आ रही तकनीकी दिक्कतों ने रेलवे के रखरखाव और निरीक्षण व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
इधर, पूर्व मध्य रेल के ताजा प्रदर्शन आंकड़े भी समय पालन के मामले में गिरावट की ओर इशारा कर रहे हैं। मई 2026 में मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की समय पर चलने की दर अप्रैल के 78.86 प्रतिशत से घटकर 75.33 प्रतिशत रह गई। यानी एक महीने में 3.53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं पैसेंजर ट्रेनों का प्रदर्शन और भी कमजोर रहा। अप्रैल में जहां 44.73 प्रतिशत पैसेंजर ट्रेनें समय पर चली थीं, वहीं मई में यह आंकड़ा घटकर 40.82 प्रतिशत पर पहुंच गया।
मुजफ्फरपुर सहित पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों से प्रतिदिन करीब 300 ट्रेनों का संचालन होता है। ट्रेनों के लगातार विलंब से चलने का असर यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर पड़ रहा है। खासकर महिलाओं, बच्चों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में 'राइट टाइम स्टार्ट' यानी निर्धारित समय पर ट्रेन रवाना करने का प्रदर्शन भी कमजोर रहा। अप्रैल में 75.05 प्रतिशत मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें समय पर चली थीं, जबकि मई में यह आंकड़ा घटकर 71.97 प्रतिशत रह गया। पैसेंजर ट्रेनों में भी समय पर प्रस्थान का प्रतिशत 42.38 से गिरकर 38.92 प्रतिशत पर आ गया। विलंब से खुलने वाली ट्रेनों की संख्या अप्रैल के 1075 से बढ़कर मई में 1200 हो गई।
वहीं स्पेशल ट्रेनों के संचालन में भी कमी दर्ज की गई है। मई 2026 में स्पेशल ट्रेनों के केवल 514 फेरे लगाए गए, जबकि अप्रैल में यह संख्या 539 थी। पिछले वर्ष मई के मुकाबले इसमें करीब 73 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर एलएचबी कोच में ट्रेनों के रूपांतरण की रफ्तार भी बेहद धीमी बनी हुई है। अप्रैल और मई दोनों महीनों में इस दिशा में कोई नई प्रगति नहीं हुई, जबकि पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक केवल 16 जोड़ी ट्रेनों को ही एलएचबी कोच में बदला जा सका है।
लगातार सामने आ रही तकनीकी खराबियां, ट्रेनों की बढ़ती देरी और समय पालन में गिरावट ने पूर्व मध्य रेल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की उम्मीद है कि रेलवे जल्द ही रखरखाव व्यवस्था को मजबूत करेगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।





