Vikramshila Bridge News: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर प्रस्तावित मरम्मत और स्थायी निर्माण कार्य को लेकर सांसद अजय कुमार मंडल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय को पत्र लिखा है. सांसद ने सेतु की मरम्मत का काम छठ पर्व तक टालने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि गंगा का जलस्तर कम होने, बारिश और बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तथा प्रमुख पर्व-त्योहारों का समय बीतने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाए.
सांसद अजय मंडल ने पत्र में कहा है कि विक्रमशिला सेतु भागलपुर को नवगछिया, कोसी और सीमांचल समेत कई क्षेत्रों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है. इस पुल से हर दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी, मरीज, किसान, व्यापारी, नौकरी-पेशा लोग और अन्य यात्री आवागमन करते हैं. ऐसे में मरम्मत कार्य के दौरान पुल पर यातायात बंद या सीमित होने से लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
पर्व-त्योहार के दौरान बढ़ जाता है आवागमन
सांसद ने सितंबर से नवंबर के बीच होने वाले दुर्गापूजा, दीपावली, भाई दूज और छठ जैसे प्रमुख पर्व-त्योहारों का भी उल्लेख किया है. इन पर्वों के दौरान भागलपुर और आसपास के जिलों के बीच लोगों का आवागमन काफी बढ़ जाता है. ऐसे समय में विक्रमशिला सेतु पर यातायात प्रभावित होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है.
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में गंगा का जलस्तर भी ऊंचा रहता है और कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी रह सकती है. ऐसे में सेतु पर यातायात बाधित होने के बाद लोगों को वैकल्पिक रास्तों पर निर्भर रहना पड़ेगा. नदी के रास्ते नाव आदि से आवागमन बढ़ने पर यात्रियों की सुरक्षा भी एक चुनौती बन सकती है.
सांसद ने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों पर पड़ सकता है.
दिशा समिति की बैठक में भी उठाया था मुद्दा
अजय कुमार मंडल ने बताया कि 18 जुलाई को हुई भागलपुर जिला दिशा समिति की बैठक में भी विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और स्थायी निर्माण का मुद्दा उठाया गया था. बैठक में उन्होंने बरसात, गंगा के जलस्तर और वर्तमान यातायात व्यवस्था को देखते हुए निर्माण कार्य को कुछ महीनों के लिए टालने का सुझाव दिया था.
सांसद ने स्पष्ट किया कि विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और स्थायी निर्माण जरूरी है और इसकी गुणवत्ता व सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. उनका कहना है कि निर्माण कार्य के लिए ऐसा समय तय किया जाना चाहिए, जब काम भी बेहतर तरीके से पूरा हो सके और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना भी न करना पड़े.
उन्होंने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से निर्माण कार्य की समय-सारिणी के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी पुनर्विचार करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.





