ब्रेकिंग
Bihar News : PMCH के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. एनपी सिंह की मुश्किलें बढ़ीं,बॉडीगार्ड के बयान ने बदली कहानी Bihar News: पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बिना कोर्ट आदेश नहीं रुकेगी लगान रसीद, रद्द नहीं होगी सालों पुरानी जमाबंदी Bihar Politics : राबड़ी देवी का बड़ा कदम! बंगला खाली करने से पहले सरकार से मांगी सामानों की पूरी लिस्ट, जानें वजह"Bihar News : बिहार में गांव-गांव पहुंचेगी सरकार! CM सम्राट चौधरी समेत मंत्री संभालेंगे मोर्चा, ग्राम सभा में होंगे बड़े फैसलेBihar Bhumi : बिहार में जमीन खरीदना हुआ महंगा! नई रजिस्ट्री दरें लागू, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोकBihar News : PMCH के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. एनपी सिंह की मुश्किलें बढ़ीं,बॉडीगार्ड के बयान ने बदली कहानी Bihar News: पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बिना कोर्ट आदेश नहीं रुकेगी लगान रसीद, रद्द नहीं होगी सालों पुरानी जमाबंदी Bihar Politics : राबड़ी देवी का बड़ा कदम! बंगला खाली करने से पहले सरकार से मांगी सामानों की पूरी लिस्ट, जानें वजह"Bihar News : बिहार में गांव-गांव पहुंचेगी सरकार! CM सम्राट चौधरी समेत मंत्री संभालेंगे मोर्चा, ग्राम सभा में होंगे बड़े फैसलेBihar Bhumi : बिहार में जमीन खरीदना हुआ महंगा! नई रजिस्ट्री दरें लागू, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

BIHAR NEWS : JDU सांसद अजय मंडल की बढ़ीं मुश्किलें! पत्रकार मारपीट मामले में डीएम से मांगी गई कार्रवाई की अनुमति

भागलपुर के जदयू सांसद अजय कुमार मंडल के खिलाफ पत्रकार मारपीट मामले में पुलिस जांच पूरी हो गई है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसएसपी ने डीएम से अभियोजन स्वीकृति मांगी है, जिससे सांसद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

BIHAR NEWS : JDU सांसद अजय मंडल की बढ़ीं मुश्किलें! पत्रकार मारपीट मामले में डीएम से मांगी गई कार्रवाई की अनुमति
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

JDU MP Ajay Mandal : भागलपुर में 2 पत्रकारों को दौड़ा-दौड़ाकर मारने वाले JDU सांसद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब इस मामले में अभियोजन के लिए एसपी ने डीएम से आदेश माँगा है। दरअसल, जदयू सांसद अजय कुमार मंडल की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। बीते वर्ष भागलपुर हवाईअड्डा के समीप पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सांसद के खिलाफ लगे आरोपों को सही पाया है। अब इस मामले में सांसद के विरुद्ध मुकदमा चलाने की दिशा में प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है।


जानकारी के अनुसार, भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने सांसद अजय कुमार मंडल के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति के लिए जिला दंडाधिकारी (डीएम) को पत्र भेजा है। इस पत्र के जरिए पुलिस ने सांसद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अनुमति मांगी है। यदि जिला प्रशासन की ओर से अभियोजन की स्वीकृति मिल जाती है तो सांसद के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।


बताया जा रहा है कि यह मामला तिलकामांझी थाना क्षेत्र में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा हुआ है। बीते वर्ष भागलपुर हवाईअड्डा के समीप कुछ पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना सामने आई थी। इस घटना को लेकर पत्रकारों की ओर से मामला दर्ज कराया गया था। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की थी।


पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच और पर्यवेक्षण के दौरान पुलिस निरीक्षक द्वारा दी गई टिप्पणी में सांसद अजय कुमार मंडल के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को सत्य पाया गया है। पर्यवेक्षण रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि अभियुक्त अजय कुमार मंडल, जो वर्तमान में भागलपुर के सांसद हैं, उनके खिलाफ दर्ज आरोप जांच में सही पाए गए हैं। रिपोर्ट में सांसद का पूरा विवरण भी दर्ज किया गया है। इसमें उनका नाम अजय कुमार मंडल, पिता का नाम रामदास मंडल तथा उनका पता वार्ड संख्या-1, गोल सड़क के समीप कुलकुलिया, थाना घोघा, जिला भागलपुर बताया गया है।


एसएसपी द्वारा जिला दंडाधिकारी को भेजे गए पत्र के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। राजनीतिक गलियारों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार और जदयू पर सवाल उठा सकते हैं, वहीं सत्ताधारी दल की ओर से भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।


कानूनी जानकारों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कुछ मामलों में सक्षम प्राधिकार से अनुमति आवश्यक होती है। इसी प्रक्रिया के तहत पुलिस ने जिला प्रशासन से अभियोजन स्वीकृति की मांग की है। अब सबकी निगाहें जिला दंडाधिकारी के फैसले पर टिकी हुई हैं।


यदि डीएम की ओर से अभियोजन की अनुमति दी जाती है तो सांसद अजय कुमार मंडल को अदालत में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इस मामले में सांसद या उनके प्रतिनिधियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।फिलहाल, भागलपुर की राजनीति में यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक एवं कानूनी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।