1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 02, 2026, 9:22:27 AM
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BIHAR NEWS : राज्य सरकार ने अधिवक्ताओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वेलफेयर स्टाम्प शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। इस संबंध में विधिवत अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब राज्य में दाखिल होने वाले सभी शपथपत्रों पर अधिवक्ता कल्याण निधि के लिए 25 रुपये की जगह 50 रुपये का वेलफेयर स्टाम्प लगाना अनिवार्य होगा। सरकार के इस फैसले से अधिवक्ता कल्याण निधि को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे वकीलों के हित में चलाई जा रही योजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जारी अधिसूचना के अनुसार अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम की धारा 22 की उपधारा (1) में संशोधन किया गया है। इस संशोधन के बाद वेलफेयर स्टाम्प शुल्क को दोगुना कर दिया गया है। पहले शपथपत्रों पर 25 रुपये का वेलफेयर स्टाम्प लगाया जाता था, लेकिन अब यह राशि बढ़ाकर 50 रुपये कर दी गई है। संशोधित प्रावधान लागू होते ही नई दर प्रभावी मानी जाएगी और सभी संबंधित विभागों को इसका पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार का कहना है कि अधिवक्ताओं की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना उसकी प्राथमिकता है। अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं और आम नागरिकों को न्याय दिलाने में उनकी अहम भूमिका होती है। ऐसे में उनके कल्याण के लिए संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। वेलफेयर स्टाम्प से प्राप्त राशि अधिवक्ता कल्याण निधि में जमा की जाती है, जिसका उपयोग विभिन्न सहायता योजनाओं के संचालन में किया जाता है।
अधिवक्ता कल्याण निधि के माध्यम से वकीलों को पेंशन, आकस्मिक सहायता, चिकित्सा सहायता, मृत्यु उपरांत सहायता और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जाते हैं। कई बार गंभीर बीमारी, दुर्घटना या आकस्मिक परिस्थितियों में यह निधि अधिवक्ताओं और उनके परिजनों के लिए सहारा बनती है। सरकार का मानना है कि शुल्क में वृद्धि से निधि में अधिक धनराशि आएगी, जिससे इन योजनाओं का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।
हालांकि, कुछ अधिवक्ताओं का मानना है कि शुल्क में वृद्धि से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है, क्योंकि शपथपत्र बनवाने की प्रक्रिया में अब अतिरिक्त 25 रुपये का भुगतान करना होगा। फिर भी सरकार का तर्क है कि यह बढ़ोतरी मामूली है और इससे प्राप्त होने वाली राशि सीधे अधिवक्ताओं के कल्याण में खर्च की जाएगी।
नए प्रावधान लागू होने के बाद न्यायालयों और संबंधित कार्यालयों में शपथपत्र दाखिल करते समय 50 रुपये का वेलफेयर स्टाम्प अनिवार्य रूप से लगाना होगा। अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे संशोधित नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। कुल मिलाकर, राज्य सरकार का यह कदम अधिवक्ताओं की सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है, जिसका दीर्घकालिक लाभ न्यायिक व्यवस्था से जुड़े समुदाय को मिल सकता है।