ब्रेकिंग
बिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरीबिहार में उच्च शिक्षा की खुली पोल: NIRF रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन, Top 100 में एक भी विश्वविद्यालय नहींइंटरनेशनल फेक करेंसी गैंग का सरगना बिहार से अरेस्ट, STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर एक्शनपटना में दिनदहाड़े युवक-युवती पर चाकू से हमला, वायरल वीडियो से मचा हड़कंपपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

आज से शुरू होगी जाति गणना, जानिए क्या है बजट और कब - कैसे पूरी होगी

PATNA : बिहार में जाति आधारित गणना आज से शुरू होने जा रही है ।यह गणना दो चरणों में होने जा रही है।राज्य में नीतीश कुमार की सरकार पहले चरण में मकान की गिनती करेगी और उसमें नंबरिंग।

आज से शुरू होगी जाति गणना, जानिए क्या है बजट और कब - कैसे पूरी होगी
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : बिहार में जाति आधारित गणना आज से शुरू होने जा रही है ।यह गणना दो चरणों में होने जा रही है।राज्य में नीतीश कुमार की सरकार पहले चरण में मकान की गिनती करेगी और उसमें नंबरिंग। इसके बाद अगले चरण में जाति, पेशा और अन्य तरह की जानकारी इकट्ठा की जाएगी।


बता दें कि, नीतीश सरकार पर करवाए जा रहे इस जाति आधारित गणना के उद्देश्य की बात करें तो सीएम नीतीश साफ कर चुके हैं कि, इससे यह मालूम होगा कि बिहार में कितनी जातियां निवास कर रही है और उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थति क्या है।


वहीं, इस गणना में आने वाले खर्च की बात करें तो सबसे पहले बिहार सरकार ने इसमें 500 करोड़ रूपए खर्च होने का अनुमान लगाया है।इसका बजट भी जारी किया जा चुका है। हालांकि, ज़रूरत के हिसाब से खर्च बढ़ या घट भी सकती है।


इसके अलावा इस जाति आधारित गणना करने को लेकर बिहार में 2 लाख शिक्षकों को इस काम में लगाया गया है। वे अपने - अपने इलाकों में जाकर वहां रह रहे लोगों की जानकारी इकठ्ठा करेंगे और इसको लेकर इनको ट्रेनिंग भी करवाई गई है। वहीं, राजधानी पटना की बात करें तो पहले चरण में विआईपी इलाकों में यह गणना की जाएगी। इसमें विधायक,सांसद और अन्य लोगों की जानकारी को इकठ्ठा किया जाएगा।


गौरतलब हो कि, बिहार में जाति आधारित गणना का पहला चरण 7 जनवरी से शुरू होकर 21 जनवरी तक चलेगा। इसके बाद अप्रैल के महीने में इस गणना का दूसरा चरण शुरू होगा। दुसरे चरण के गणना में राज्य के निवासियों से 26 तरह की जानकारी ली जाएगी। इस गणना को पूरा करने का लक्ष्य मई 2023 रखा गया है।