30 साल देश का सेवा करने के बाद घर लौटे कैप्टन मनोज सिंह, ग्रामीणों ने बैंड बाजों के साथ किया स्वागत

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 05 Jan 2026 10:51:06 PM IST

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- फ़ोटो social media

GAYAJEE: बिहार के गया जिले के मानपुर प्रखंड अंतर्गत अमरा गांव के रहने वाले रिटायर्ड आर्मी कैप्टन मनोज सिंह 30 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा देने के बाद अपने गांव लौटे। उनके स्वागत के लिए सैकड़ों ग्रामीणों ने बैंड बाजे, फूल-मालाओं और देशभक्ति के नारों के साथ लंबा काफिला बनाकर उन्हें भव्य तरीके से सम्मानित किया।


ऑपरेशन कारगिल में योगदान

कैप्टन मनोज सिंह ने अपनी 30 साल की सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में हिस्सा लिया और अनेक अवसरों पर विशिष्ट सेवा दी। उनका जीवन देश सेवा के प्रति समर्पित रहा है।


सम्मान में गांव के लोग शामिल

स्वागत समारोह में उनकी माता शांति देवी और पिता सिद्धेश्वर सिंह के साथ ग्रामीणों ने कई किलोमीटर पहले से पैदल चलकर कैप्टन मनोज सिंह का स्वागत किया। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उन्हें लादकर और बैंड बाजों के साथ उनके सम्मान में पूरी शान दिखाई।


देश सेवा को बताया जीवन का गौरव

रिटायर्ड कैप्टन मनोज सिंह ने कहा कि भारतीय सेना में 30 साल तक सेवा देना उनके जीवन का सबसे बड़ा गौरव रहा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्र सेवा को अपने जीवन का मार्ग बनाएं। उन्होंने कहा कि 30 साल सर्विस करने बाद मैं भारतीय सेना से रिटायर हुआ हूं। लोगों के स्वागत से मैं बहुत भावुक और ओतप्रोत हूं। मेरे गांव के सैंकड़ों ग्रामीण, परिचित और रिश्तेदारों ने मुझे सम्मानित किया। इसके लिए मैं सभी का धन्यवाद करता हूं। देश की सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा गौरव रहा है। युवा पीढ़ी अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रवाद के मार्ग पर चले।


जैसे ही कैप्टन मनोज सिंह गांव की सीमा में दाखिल हुए, माहौल बदल गया। देशभक्ति के नारे गूंज उठे। ढोल-नगाड़ों की थाप पर गांव ने अपने सपूत का स्वागत किया। फूलों की बारिश हुई। हर चेहरे पर गर्व साफ दिख रहा था। ग्रामीणों ने अंगवस्त्र और फूल-मालाओं से कैप्टन मनोज सिंह का अभिनंदन किया।  यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं था, बल्कि उस तपस्या का था, जो उन्होंने वर्दी में रहते हुए निभाई। कैप्टन मनोज सिंह ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन गलवान घाटी और ऑपरेशन सिंदूर जैसे बड़े सैन्य अभियानों का हिस्सा रहे। कैप्टन मनोज सिंह ने कहा की देश की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने की अपील की।