ब्रेकिंग
सहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानासहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्माना

दावे हैं दावों का क्या? 22 लाख लाभुकों के खाते में नीतीश सरकार की मदद नहीं पहुंची

PATNA : कोरोना महामारी के बीच नीतीश सरकार लगातार आपदा प्रभावितों तक मदद पहुंचाने है के दावे कर रही है लेकिन आपदा की इस घड़ी में दावों की हकीकत क्या है इस बात का खुलासा खुद सरक

FirstBihar
Santosh Singh
2 मिनट

PATNA : कोरोना महामारी के बीच नीतीश सरकार लगातार आपदा प्रभावितों तक मदद पहुंचाने है के दावे कर रही है लेकिन आपदा की इस घड़ी में दावों की हकीकत क्या है इस बात का खुलासा खुद सरकार ने कर दिया है। राज्य सरकार ने कोरोनावायरस के बीच गरीबों के बैंक के अकाउंट में ₹1000 की आर्थिक मदद से भेज रहे हैं का ऐलान किया था लेकिन राज्य के तकरीबन 22 लाख राशन कार्डधारियों के खाते में अब तक चवन्नी भी नहीं पहुंच पाया है। 


राज्य सरकार ने खुद हकीकत को स्वीकार किया है। दरअसल सूबे के के 22 लाख  राशन कार्डधारियों का आधार लिंक नहीं होने के कारण उन तक में सरकारी मदद नहीं पहुंच पाई है। राज्य सरकार की तरफ से तकरीबन 1.53 करोड़ राशन कार्डधारियों को एक-एक हजार की आर्थिक मदद देने की पहल की गई है लेकिन उन राशन कार्डधारियों को परेशानी हो रही है जिनकी अब तक आधार कार्ड की सीडिंग नहीं हो पाई है। 


जिन 22 लाख लाभुकों तक अब तक के आर्थिक मदद नहीं पहुंची है इसके लिए सरकार तकनीकी परेशानी को जिम्मेदार बता रही है। खाद्य उपभोक्ता संरक्षण मामलों के मंत्री मदन सहनी ने कहा है कि लाभुकों तक मदद पहुंचने में पहले ही काफी विलंब हो चुका है और अब सरकार ने फैसला किया है कि लाभुकों का बैंक डिटेल लेकर डायरेक्ट उनके खाते में आर्थिक मदद दे दी जाए।

टैग्स