ब्रेकिंग
जमुई पीड़िता की तस्वीर पोस्ट करने के मामले में नया मोड़: CMO के स्टेनोग्राफर पर FIR, उसी ने पोस्ट किया था CM के हैंडल से तस्वीर✦बिहार की महिला शिक्षकों को बड़ी राहत, अब 5 अक्टूबर की जगह इस दिन रहेगी जिउतिया की छुट्टी; शिक्षा मंत्री ने जारी किया आदेश✦बिहार में 36 IPS अधिकारियों को मिली जिलों की जिम्मेदारी, ग्राउंड रिव्यू कर पुलिस मुख्यालय को सौंपेंगे रिपोर्ट✦समस्तीपुर छेड़खानी केस के आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन, PDS का लाइसेंस भी हुआ रद्द✦समस्तीपुर में नाबालिग बच्चियों से बदसलूकी मामला: ADG कमल किशोर ने की कार्रवाई की समीक्षा, पुलिस अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश✦जमुई पीड़िता की तस्वीर पोस्ट करने के मामले में नया मोड़: CMO के स्टेनोग्राफर पर FIR, उसी ने पोस्ट किया था CM के हैंडल से तस्वीर✦बिहार की महिला शिक्षकों को बड़ी राहत, अब 5 अक्टूबर की जगह इस दिन रहेगी जिउतिया की छुट्टी; शिक्षा मंत्री ने जारी किया आदेश✦बिहार में 36 IPS अधिकारियों को मिली जिलों की जिम्मेदारी, ग्राउंड रिव्यू कर पुलिस मुख्यालय को सौंपेंगे रिपोर्ट✦समस्तीपुर छेड़खानी केस के आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन, PDS का लाइसेंस भी हुआ रद्द✦समस्तीपुर में नाबालिग बच्चियों से बदसलूकी मामला: ADG कमल किशोर ने की कार्रवाई की समीक्षा, पुलिस अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

पटना में अचानक बढ़ी बीमार बच्चों की संख्या, कोरोना टेस्ट निगेटिव पर अधिकतर को सांस लेने में परेशानी

PATNA : बिहार में बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है. कुछ मामले ऐसे भी सामने आये हैं जिनमें बच्चों को सांस लेने में परेशानी आ रही है. कुछ डायरिया की चपेट में आ गय

पटना में अचानक बढ़ी बीमार बच्चों की संख्या, कोरोना टेस्ट निगेटिव पर अधिकतर को सांस लेने में परेशानी
First Bihar
2 मिनट

PATNA : बिहार में बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है. कुछ मामले ऐसे भी सामने आये हैं जिनमें बच्चों को सांस लेने में परेशानी आ रही है. कुछ डायरिया की चपेट में आ गये हैं. इन मामलों में डॉक्टरों ने कोरोना की आशंका भी जताई लेकिन टेस्ट रिपोर्ट में सभी सैंपल निगेटिव पाए गए हैं. 


बता दें कि पटना के पीएमसीएच और आइजीआइएमएस के ओपीडी में बच्चों की संख्या अचानक बढ़ गयी है. सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के साथ बच्चों को लाया जा रहा है. डॉक्टरों के मुताबिक सांस की नलियों के ऊपरी हिस्से में संक्रमण अधिक मिल रहा है. उन्हें खांसी आ रही है.


शिशु रोग विभाग के ओपीडी में इलाज को रोजाना 250 बच्चे पहुंच रहे हैं. जबकि इससे पहले करीब 100 से 120 के बीच बच्चे इलाज को आ रहे थे. कम वजन वाले बच्चों में डायरिया डायरिया कम वजन के बच्चों में अधिक मिल रहा है, इसके बाद निमोनिया का खतरा बन जाता है. हालांकि अभी निमोनिया से पीड़ित बच्चे कम आ रहे हैं.

टैग्स