Bihar News : बिहार में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी साजिश का पटना में खुलासा हुआ है। होमगार्ड हवलदार प्रशिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान कथित तौर पर अभ्यर्थियों को मोटी रकम लेकर पास कराने का नेटवर्क सक्रिय था। हालांकि पुलिस, मजिस्ट्रेट और परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारियों की सतर्कता से पूरा खेल समय रहते पकड़ लिया गया। इस मामले में परीक्षा केंद्र के एक वीक्षक, एक साल्वर और एक महिला समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से आयोजित लिखित परीक्षा पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजकीय बालक उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर चल रही थी। परीक्षा के दौरान सुरक्षा जांच के समय पुलिस की नजर एक संदिग्ध व्यक्ति पर पड़ी, जो बाथरूम के आसपास घूम रहा था। पूछताछ और तलाशी में उसके पास से मोबाइल फोन और दो मिनी प्रिंटर बरामद हुए। इसके बाद पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हो गईं।
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार व्यक्ति बाहरी साल्वर था, जो परीक्षा केंद्र के भीतर से भेजे जा रहे प्रश्नों को प्राप्त कर उनके उत्तर तैयार कराने की व्यवस्था कर रहा था। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के वीक्षक की मदद से प्रश्नपत्र की जानकारी बाहर पहुंचाई जा रही थी। तैयार उत्तर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने की पूरी योजना पहले से बनाई गई थी।
पुलिस ने जब वीक्षक के मोबाइल की जांच की तो कई ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले, जिनसे परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका मजबूत हुई। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद अन्य संदिग्ध अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई और कुल आठ अभ्यर्थियों को भी हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरे रैकेट के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 4 से 5 लाख रुपये तक लेने की बात तय हुई थी। पुलिस का मानना है कि गिरोह ने परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर बड़े स्तर पर धन उगाही की योजना बनाई थी। हालांकि समय रहते कार्रवाई होने से साजिश सफल नहीं हो सकी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पांच मोबाइल फोन और दो मिनी प्रिंटर बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां अब इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फॉरेंसिक परीक्षण करा रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों को आशंका है कि गिरोह के तार दूसरे जिलों तक भी जुड़े हो सकते हैं।
गिरफ्तार आरोपितों में जहानाबाद निवासी महेंद्र कुमार, औरंगाबाद के शिवेंद्र कुमार, वैशाली के अमित कुमार, जहानाबाद के दीपक कुमार, नालंदा के चंदन कुमार, बेगूसराय के पियूष कुमार, नालंदा के नीरज कुमार, नालंदा के निलेश कुमार, जहानाबाद के रवीश कुमार और अरवल की काजल कुमारी शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि परीक्षा में धांधली का यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इससे पहले आयोजित किसी अन्य भर्ती परीक्षा में भी इसी तरह की साजिश रची गई थी।
सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई को भर्ती परीक्षाओं में नकल और फर्जीवाड़े के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।





