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पटना में 53 का करोड़ मेगा प्लान: हर सर्किल में बनेंगे अत्याधुनिक गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन, बदल जाएगी राजधानी की सूरत

Patna News: पटना नगर निगम ने शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए 53 करोड़ रुपये की महायोजना शुरू की है। हर सर्किल में अत्याधुनिक गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिसमें वैज्ञानिक कचरा संग्रहण, प्रोसेसिंग और आधुनिक मशीनों की व्यवस्था होगी।

Patna News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Patna News: पटना को कचरा मुक्त और सुंदर बनाने की दिशा में पटना नगर निगम ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। शहर के सभी सर्किलों में अत्याधुनिक गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन (GTS) बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर निगम करीब 53 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। इसे राजधानी को स्मार्ट सिटी मॉडल की ओर ले जाने वाली अहम पहल माना जा रहा है।


वैज्ञानिक तरीके से होगा कचरे का प्रबंधन

नए गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन केवल कूड़ा जमा करने के केंद्र नहीं होंगे, बल्कि यहां कचरे का वैज्ञानिक संग्रहण, वजन मापन और प्रोसेसिंग की आधुनिक व्यवस्था होगी। विशाल शेड, ड्रेनेज सिस्टम, शौचालय, गार्ड रूम और धर्मकांटा जैसी सुविधाएं पारदर्शिता और स्वच्छता सुनिश्चित करेंगी। इससे प्रतिदिन आने वाले कचरे की सटीक निगरानी संभव होगी और अनियंत्रित कचरा ढेर की समस्या में कमी आएगी।


आधुनिक मशीनों से तेज उठाव और ट्रांसपोर्ट

स्टेशनों पर कॉम्पैक्टर यूनिट, हुक लोडर और कैप्सूल कंटेनर लगाए जा रहे हैं, जिनकी मदद से कचरे को तेजी से संकुचित कर सुरक्षित तरीके से ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। डीजी सेट के जरिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे काम में रुकावट नहीं होगी। इससे कचरा उठाने की प्रक्रिया तेज होगी और अंतिम प्रोसेसिंग अधिक प्रभावी बनेगी।


अलग-अलग अंचलों में तेजी से निर्माण

परियोजना के तहत पटना सिटी क्षेत्र में लगभग 13.97 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बांकीपुर और पाटलिपुत्र अंचल में भी बड़े पैमाने पर निर्माण जारी है। यारपुर में करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही मशीनों की स्थापना शुरू होगी। स्टेशन चालू होने के बाद पुराने कचरा केंद्रों को यहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे खुले में कचरे की समस्या खत्म होगी।


स्वच्छता रैंकिंग में सुधार की उम्मीद

नए स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि कचरे से निकलने वाला गंदा पानी सीधे ड्रेनेज सिस्टम में जाए और आसपास के क्षेत्रों में बदबू न फैले। इससे नागरिकों को राहत मिलेगी और शहर की स्वच्छता रैंकिंग में भी सुधार की संभावना है। यह परियोजना पटना को अधिक साफ, आधुनिक और रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता