Bihar Liquor Ban : बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद पुलिस विभाग के एक जवान पर शराब पीने का मामला सामने आया है। राजधानी पटना के रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी का कथित तौर पर नशे की हालत में घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे ने तत्काल कार्रवाई की। जांच के दौरान मेडिकल परीक्षण में शराब सेवन की पुष्टि होने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उसे न्यायालय में पेश किया गया।
जानकारी के अनुसार, घटना रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र के खेमनीचक इलाके की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक पुलिसकर्मी संदिग्ध अवस्था में दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले का संज्ञान लिया और संबंधित जवान की पहचान विनोद राम के रूप में की।
वीडियो वायरल होने के कुछ ही समय बाद पुलिस टीम ने विनोद राम को हिरासत में लिया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया। मेडिकल जांच में शराब पीने की पुष्टि होने के बाद बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी पुलिसकर्मी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों से अनुशासन और नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि कोई पुलिसकर्मी स्वयं कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ भी उसी तरह कार्रवाई की जाती है, जैसी किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ की जाती है।
बताया जा रहा है कि विनोद राम का नाम इससे पहले भी शराब सेवन से जुड़े एक मामले में सामने आ चुका है। उस समय विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया था। अब एक बार फिर शराब पीने की पुष्टि होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस पूरे मामले पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-02) रंजन कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मी की पहचान कर उसे हिरासत में लिया गया और मेडिकल जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद विधि सम्मत कार्रवाई की गई है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार में लागू शराबबंदी कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है। चाहे कोई आम व्यक्ति हो या फिर पुलिस विभाग का कर्मचारी, कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस विभाग अपने कर्मचारियों के अनुशासन को लेकर पूरी तरह गंभीर है और ऐसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पुलिस और प्रशासन लगातार अभियान चलाते रहे हैं। ऐसे में जब पुलिस विभाग का ही कोई कर्मचारी शराब सेवन करते हुए पाया जाता है तो यह मामला और अधिक गंभीर माना जाता है। इसी कारण प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए यह संदेश देने की कोशिश की है कि कानून के सामने सभी बराबर हैं।
फिलहाल आरोपी पुलिसकर्मी को न्यायालय में पेश किया जा चुका है। वहीं पुलिस विभाग भी पूरे मामले की विभागीय समीक्षा कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और विभागीय नियमों के आधार पर उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद एक बार फिर पुलिसकर्मियों के आचरण और शराबबंदी कानून के पालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।





