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VTR में बाघ का आतंक: 48 घंटे में दो लोगों की मौत से दहशत, खेतों में जाने से भी डर रहे ग्रामीण

Valmiki Tiger Reserve News: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में बाघ के हमलों से ग्रामीणों में डर का माहौल है। पिछले 48 घंटे में दो लोगों की मौत के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। बाघ की लगातार बदलती लोकेशन और सुरक्षा इंतजामों से जुड़ी पूरी...

VTR में बाघ का आतंक: 48 घंटे में दो लोगों की मौत से दहशत, खेतों में जाने से भी डर रहे ग्रामीण
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Ramakant kumar
4 मिनट

Valmiki Tiger Reserve News: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से सटे बगहा के वनवर्ती इलाकों में बाघ की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. पिछले 48 घंटे के दौरान बाघ के हमले से दो लोगों की मौत के बाद जंगल से सटे गांवों में दहशत का माहौल है. हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण खेतों में काम करने, मवेशी चराने और जंगल के आसपास जाने से भी बच रहे हैं.


ग्रामीणों का कहना है कि खेती-किसानी उनके लिए रोजमर्रा की जरूरत है, लेकिन बाघ की मौजूदगी के कारण खेतों तक जाना भी अब जोखिम भरा लग रहा है. शनिवार को मिश्रौलिया रेता इलाके में कई किसान डर की वजह से अपने खेतों में खेती-बारी का काम देखने तक नहीं पहुंचे.


48 घंटे में दो लोगों की मौत

बाघ के हमले की पहली घटना गुरुवार को वाल्मीकिनगर के हाथीमलखंता के पास हुई थी. यहां मवेशी चरा रहे अकलू यादव पर बाघ ने हमला कर दिया था. घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.


इसके अगले दिन शुक्रवार को नौरंगिया थाना क्षेत्र के मिश्रौलिया रेता में खेत में काम कर रही 45 वर्षीय उमरावती देवी पर बाघ ने हमला कर दिया. आसपास मौजूद मजदूरों ने शोर मचाते हुए बाघ को भगाने का प्रयास किया. लोगों के जुटने के बाद बाघ जंगल की ओर चला गया, लेकिन तब तक उमरावती देवी की मौत हो चुकी थी.


लगातार दो दिनों में दो लोगों की मौत के बाद वन क्षेत्र से सटे गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. खासकर खेतों और गन्ने के इलाकों में काम करने वाले लोगों में डर बना हुआ है. ग्रामीणों को आशंका है कि बाघ कभी भी जंगल से निकलकर खेतों और आबादी के आसपास पहुंच सकता है.


ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में काम करने और मवेशियों को चराने के दौरान उन्हें लगातार सतर्क रहना पड़ रहा है. कई लोग अब अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं और समूह में ही बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं.


मिश्रौलिया रेता में महिला पर हमले के बाद वन विभाग की टीम बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है. बताया जा रहा है कि घटना के बाद बाघ जंगल की ओर चला गया था, लेकिन अगले दिन फिर रेता इलाके में उसकी मौजूदगी देखी गई.


इसके बाद वन विभाग की टीम नाव और अन्य साधनों की मदद से नदी-नाला पार कर रेता क्षेत्र में पहुंची और बाघ की गतिविधियों को ट्रेस करने का प्रयास किया. वन विभाग के अनुसार बाघ धीरे-धीरे जंगल की ओर लौट रहा है, लेकिन उसकी लगातार बदलती लोकेशन के कारण निगरानी टीम को लगातार सक्रिय रहना पड़ रहा है.


मदनपुर वन क्षेत्र पदाधिकारी नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि उनके नेतृत्व में वन विभाग की टीम लगातार बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है. टीम बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के साथ प्रभावित इलाकों में निगरानी भी कर रही है.


वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल और गन्ने के खेतों के आसपास अकेले न जाएं. खेतों में काम करने के दौरान समूह में रहें और बाघ की गतिविधि से जुड़ी किसी भी जानकारी की सूचना तत्काल वन विभाग को दें.


लगातार हो रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे गांवों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि लोग बिना डर के खेती और रोजमर्रा के काम कर सकें.