ब्रेकिंग
BIHAR के पूर्व CM भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग, पटना में प्रतिमा-म्यूजियम की भी मांग, आंदोलन की चेतावनीमां पद्मश्री, पिता IAS, फिर भी खुद बनाई पहचान; बिना कोचिंग पहले प्रयास में UPSC में हासिल की AIR 51‘पीड़ितों को तुरंत मिले 15 हजार रुपये की मदद’, बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव की सरकार से मांगपटना में करोड़ों की जमीन को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े, पुलिस ने संभाला मोर्चाPG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबारBIHAR के पूर्व CM भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग, पटना में प्रतिमा-म्यूजियम की भी मांग, आंदोलन की चेतावनीमां पद्मश्री, पिता IAS, फिर भी खुद बनाई पहचान; बिना कोचिंग पहले प्रयास में UPSC में हासिल की AIR 51‘पीड़ितों को तुरंत मिले 15 हजार रुपये की मदद’, बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव की सरकार से मांगपटना में करोड़ों की जमीन को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े, पुलिस ने संभाला मोर्चाPG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबार

बिहार: VTR से रिहायशी इलाके में पहुंचा मगरमच्छ, ग्रामीणों ने पकड़कर वन विभाग को सौंपा

BAGAHA: खबर पश्चिमी चंपारण के बगहा से आ रही है, जहां वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकलकर एक बड़ा मगरमच्छ गांव में पहुंच गया, जिसके बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों द्वारा वन

बिहार: VTR से रिहायशी इलाके में पहुंचा मगरमच्छ, ग्रामीणों ने पकड़कर वन विभाग को सौंपा
Mukesh Srivastava
2 मिनट

BAGAHA: खबर पश्चिमी चंपारण के बगहा से आ रही है, जहां वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकलकर एक बड़ा मगरमच्छ गांव में पहुंच गया, जिसके बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को खबर दी गई लेकिन वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने से अपने हाथ खड़े कर दिए। बाद में ग्रामीणों ने स्थानीय मछुआरों की मदद से मगरमच्छ को पकड़ा।


दरअसल, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकलकर रिहायशी क्षेत्र में इन दिनों जंगली जानवरों का आना लगातार जारी है। इसी दौरान बगहा दो के जीमरी नौतनवा पंचायत के टिकुलिया गांव में एक किसान के पोखरे में घुसे मगरमच्छ हजारों रुपए के मछलियों को चट कर गया। पोखरा का मालिक राजकुमार गुप्ता के द्वारा इसकी शिकायत वन विभाग से की गई लेकिन वन विभाग ने अपने हाथ खड़े कर दिए। बाद में करीब आधा दर्जन मछुआरों को बुलाया गया और जाल के सहारे मगरमच्छ को पोखर से निकला गया। 


पोखरा के मालिक राजकुमार गुप्ता ने बताया कि बीते 17 जुलाई को भी मगरमच्छ इसी पोखरे में घुसकर मछलियों को खा गया था। दो बार मगरमच्छ के पोखरे में घुसने से करीब एक लाख रुपए के नुकसान हुआ है। किसान के द्वारा आवेदन पत्र वन विभाग के डीएफओ बेतिया के कार्यालय में मुआवजे की मांग के लिए आवेदन दिया जा रहा है। बगहा रेंज के रेंजर सुनील कुमार ने बताया कि मगरमच्छ का रेस्क्यू कर स्वास्थ्य जांच के बाद गंडक नदी में छोड़ दिया गया है।

रिपोर्टिंग
D

रिपोर्टर

DEEPAK RAJ

FirstBihar संवाददाता