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Bihar school : शिक्षा के मंदिर में शर्मनाक हरकत! बच्चों से काम कराती दिखीं प्रधानाध्यापिका, वीडियो वायरल; BEO ने दिए जांच के आदेश

बिहार के बगहा से एक सरकारी स्कूल का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें बच्चों से काम कराए जाने के आरोप लगे हैं। घटना ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच शुरू हो गई है।

Bihar school : शिक्षा के मंदिर में शर्मनाक हरकत! बच्चों से काम कराती दिखीं प्रधानाध्यापिका, वीडियो वायरल; BEO ने दिए जांच के आदेश
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar school : बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा-2 प्रखंड से एक सरकारी स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे शिक्षा विभाग को सवालों के घेरे में ला दिया है। वायरल वीडियो में स्कूल के अंदर बच्चों से काम कराए जाने और प्रधानाध्यापिका के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले ने न केवल स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया है, बल्कि सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर भी बहस छेड़ दी है।


जानकारी के अनुसार, यह मामला राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुरवा बारी का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कथित तौर पर देखा जा सकता है कि कक्षा में पढ़ाई के माहौल के बजाय कुछ अलग ही दृश्य नजर आ रहे हैं। वीडियो के एक हिस्से में दो छात्राएं हाथ से चलने वाले पंखे से प्रधानाध्यापिका को हवा करती दिख रही हैं, जबकि वह कुर्सी पर बैठकर मोबाइल फोन पर बातचीत करती नजर आ रही हैं।


इसके अलावा एक अन्य वीडियो क्लिप में स्कूल ड्रेस पहने एक छात्र को हाथ में कुदाल लेकर परिसर में मिट्टी खोदते हुए देखा जा रहा है। इस दृश्य ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की घटनाएं बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।


वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया है। स्थानीय स्तर पर कई लोगों ने इस घटना की निंदा की है और शिक्षा विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों से पढ़ाई के बजाय काम कराना कोई नई बात नहीं है और इस तरह की गतिविधियां पहले भी देखने को मिलती रही हैं।


हालांकि, मामले पर प्रधानाध्यापिका कुमारी मालती ने अपनी सफाई पेश की है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो करीब एक वर्ष पुराना है और इसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उस समय वह किसी आवश्यक कार्य को लेकर अधिकारियों से फोन पर बात कर रही थीं और बच्चियां अपनी मर्जी से पंखा झलने लगी थीं। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में उन्होंने बच्चों को ऐसा करने से मना किया था।


प्रधानाध्यापिका के इस स्पष्टीकरण के बावजूद वीडियो में दिख रहे अन्य दृश्य, विशेषकर छात्र द्वारा स्कूल परिसर में कुदाल चलाने की घटना, को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक घटना नहीं बल्कि स्कूल की कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही का संकेत है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए बगहा-2 के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) फूदन कुमार राम ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो चिंताजनक है और इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी विद्यालय में बच्चों से शारीरिक श्रम कराना या उन्हें निजी कार्यों में लगाना पूरी तरह नियमों के खिलाफ है और यह कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षकों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की निगरानी और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।