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बेतिया में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा: वीडियो वायरल होने के बाद थानाध्यक्ष सस्पेंड

बेतिया के कंगली थाना में रिश्वतखोरी का मामला उजागर। वायरल वीडियो के आधार पर थानाध्यक्ष निलंबित, पुलिस जांच में जुटी।

बिहार न्यूज
खाकी पर फिर लगा भ्रष्टाचार का दाग
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

BETTIAH: बिहार के बेतिया जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कंगली थाना एक बार फिर विवादों के केंद्र में है, जहां थानाध्यक्ष पर अपने निजी ड्राइवर के जरिए मोटी रकम की उगाही कराने का गंभीर आरोप लगा है। 


मामला उस वक्त तूल पकड़ गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर थाना प्रभारी का ड्राइवर रिश्वत लेते नजर आ रहा है। वीडियो सामने आते ही पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और मामला सीधे पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया। 


पूरा विवाद सिलेंडर चोरी के एक केस से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़िता निर्मला देवी का आरोप है कि उनके पति प्रमेश कुमार को गिरफ्तार करने के बाद थानाध्यक्ष ने जेल से बचाने के बदले 4 लाख रुपये की डिमांड कर डाली। जब परिवार इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ रहा तो प्रमेश कुमार को जेल भेज दिया गया। आरोप है कि इसके अगले ही दिन थानाध्यक्ष का निजी ड्राइवर घर पहुंचा और “सेटिंग” कराने के नाम पर अलग से 90 हजार रुपये की मांग करने लगा।


पीड़िता ने बताया कि पुलिसिया दबाव और पति को बचाने की मजबूरी में उन्होंने पहले 49 हजार रुपये नकद दिए। इस दौरान उन्होंने चोरी-छिपे पूरे लेनदेन का वीडियो भी बना लिया। आरोप है कि अगले दिन फिर 31 हजार रुपये और वसूले गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी का ड्राइवर लंबे समय से “दलाल” की भूमिका में सक्रिय था और पैसे नहीं देने वालों को झूठे मामलों में फंसाने व जेल भेजने की धमकी दी जाती थी। इस खुलासे के बाद इलाके में पुलिस के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है।


पति के जेल से बाहर आने के बाद निर्मला देवी ने साहस दिखाते हुए बेतिया एसपी डॉ. शौर्य सुमन और डीआईजी हरकिशोर राय को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत के साथ वायरल वीडियो, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत भी अधिकारियों को दिए गए। सबूतों ने पुलिस विभाग के भीतर सनसनी फैला दी, जिसके बाद मामले को दबाने के बजाय तुरंत जांच शुरू कर दी गई।


एसपी डॉ. शौर्य सुमन की प्रारंभिक जांच में थानाध्यक्ष पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच रिपोर्ट सामने आते ही एसपी ने बिना देर किए कंगली थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। वहीं पीड़िता ने उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर संतोष जताया है। अब पुलिस इस पूरे अवैध वसूली नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस खेल में और कौन-कौन शामिल था।

बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट

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