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तेजस्वी विधान सभा से इस्तीफा दें, SIR के मुद्दे पर पप्पू यादव ने क्यों दी सलाह?

SIR मुद्दे पर तेजस्वी यादव के चुनाव बहिष्कार बयान पर सांसद पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तेजस्वी को विधानसभा से इस्तीफा देने की सलाह दी और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

Bihar
तेजस्वी को पप्पू की सलाह
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Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: मतदाता विशेष गहन पुनर्रीक्षण का विरोध अब दिलचस्प मोर पर पहुंच चुका है. तेजस्वी चुनाव बहिष्कार की बात कह रहे हैं तो दूसरी तरफ सांसद पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव को बडी सलाह दे डाली है. पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव से सर के मुद्दे पर विधान सभा से इस्तीफा देने की सलाह दे डाली है.


क्या कहा पप्पू यादव ने?

पप्पू यादव ने कहा कि तेजस्वी विपक्ष के नेता हैं अगर उन्होंने ये बात कही है तो वो स्वतंत्र हैं उनको ये बात कहनी चाहिए. लेकिन हमारा विश्वास सर्वोच्च न्यायालय और सदन के साथ है. सदन में हमारी बात दबाई जाएगी तो सर्वोच्च न्यायालय में बात नहीं दबाई जा सकती. तेजस्वी यादव ने जो सुझाव दिया है वो अंतिम प्रक्रिया है. पहले हम सब लोग विधान सभा लोक सभा से इस्तीफा दें और सत्ता पक्ष को अकेला हाउस चलाने दें.


पप्पू यादव को अभी भी किससे है उम्मीद?

सदन और संविधान से उपर कोई नहीं न चुनाव आयोग और न कोई और. संविधान से उपर कोई चर्चा होने लगे इस देश में तो सदन को पावर है कि मुद्दे पर एमेंडमेंट कर सकता है उस पर चर्चा कर सकता है और उस पर हस्तक्षेप भी कर सकता है. सर्वोच्च न्यायालय को भी व्याख्या करने का पावर है . चुनाव आयोग निरंकुश हो जाएगा सर्वोच्च न्यायालय भी व्याख्या करेगी. चुनाव आयोग को कब पता चला कि एक लाख वोटर नहीं हैं. 16 सालों  से इनको कुछ पता नहीं चला. 


आधार कार्ड को ही सबकुछ बनाए हुए थे. अब चुनाव की बारी आई और इन्हे हार दिखा तो अब जीतने के लिए कुछ भी करेंगे. अब ये एसआईआर ले आए. जहां जहां फार्म 6 में बीजेपी को वोट नहीं है जहां वोट में मार्जिन कम है वहां एलओपी बीएलओ गया नहीं और बस नाम लिखा जा रहा. इलेक्शन कमीशन के बयान पर कोई भरोसा नहीं. ये बीजेपी की भाषा बोल रहे.