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Bihar News: विश्वास और विकास के 10 साल, समाज निर्माण की भी कहानी है पनोरमा ग्रुप

Bihar News: सीमांचल के रियल एस्टेट क्षेत्र को एक नई दिशा देने वाले पनोरमा ग्रुप ने आज अपने गौरवशाली 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह अवसर केवल कंपनी की उपलब्धियों का उत्सव नहीं है।

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PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

Bihar News: सीमांचल के रियल एस्टेट क्षेत्र को एक नई दिशा देने वाले पनोरमा ग्रुप ने आज अपने गौरवशाली 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह अवसर केवल कंपनी की उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि उन हज़ारों ग्राहकों, साझेदारों, कर्मचारियों और समाज के हर उस व्यक्ति के प्रति आभार का प्रतीक है, जिनके विश्वास और समर्थन ने इस यात्रा को संभव बनाया।


साल 2015 में जब पनोरमा ग्रुप ने रियल एस्टेट की दुनिया में कदम रखा था, तब न तो ज़्यादा संसाधन थे और न ही कोई बड़ा नाम। लेकिन श्री संजीव मिश्रा के नेतृत्व और एक स्पष्ट विज़न के साथ, यह समूह धीरे-धीरे सीमांचल के रियल एस्टेट परिदृश्य में अपनी मजबूत पहचान बनाने लगा। गुणवत्ता, ईमानदारी और पारदर्शिता को मूल मंत्र मानकर, पनोरमा ग्रुप ने वो विश्वास अर्जित किया जो आज इसकी सबसे बड़ी पूंजी है।


पिछले दस वर्षों में पनोरमा ग्रुप ने पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जैसे जिलों में कई प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से हज़ारों परिवारों को न सिर्फ़ उनके सपनों का घर मिला, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिली। इन परियोजनाओं में पनोरमा गार्डनिया, पनोरमा हाइट्स और पनोरमा टाउनशिप जैसे नाम प्रमुख हैं, जो आज आधुनिक जीवनशैली और संरचना के उत्कृष्ट उदाहरण माने जाते हैं।


पनोरमा ग्रुप का योगदान केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहा। समूह ने सीमांचल क्षेत्र के समग्र शहरीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्णिया एयरपोर्ट परियोजना की दिशा में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करना इसका एक बड़ा उदाहरण है, जिससे इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और व्यापारिक संभावनाओं को बल मिला है।


पनोरमा ग्रुप ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। सुपौल जिले के छातापुर में स्थापित पनोरमा पब्लिक स्कूल में आज सैकड़ों बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, पनोरमा हॉस्पिटल आम लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रहा है, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई है। ग्रुप की CSR पहलें केवल संस्थानों तक सीमित नहीं हैं। समय-समय पर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, रोज़गार प्रशिक्षण कार्यक्रम और महिला सशक्तिकरण अभियानों का आयोजन कर, समूह ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सतत प्रयास किया है।


पनोरमा ग्रुप अब अगले दशक की तैयारी कर रहा है। समूह की योजना है कि आने वाले वर्षों में स्मार्ट टाउनशिप, ग्रीन बिल्डिंग्स, डिजिटल होम्स और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नए मापदंड स्थापित किए जाएं। साथ ही, सीमांचल में IT पार्क और इनोवेशन हब जैसी परियोजनाओं की योजना पर भी विचार हो रहा है, जिससे युवाओं के लिए रोज़गार और स्टार्टअप्स के लिए प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराया जा सके।


इस अवसर पर पनोरमा ग्रुप के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर श्री संजीव मिश्रा ने भावुक होते हुए कहा “जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो यह सफर किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हम सबकी सामूहिक कोशिशों की कहानी है। चुनौतियाँ आईं, लेकिन कभी हौसला नहीं टूटा। आपके विश्वास ने हमें संबल दिया और हर मुश्किल को अवसर में बदला। अगले चरण में हमारा सपना है सीमांचल को आत्मनिर्भर, विकसित और अवसरों से भरपूर बनाना।”


पनोरमा ग्रुप की यह दस वर्षों की यात्रा एक उदाहरण है कि अगर नीयत साफ़ हो, लक्ष्य स्पष्ट हो और साथ में समाज का विश्वास हो, तो कोई भी सपना हक़ीक़त बन सकता है। सीमांचल की धरती अब केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि विकास, अवसर और उम्मीद की जमीन बन चुकी है और इस बदलाव की कहानी में पनोरमा ग्रुप का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।