बिहार के पूर्णिया में NEET-UG 2024 परीक्षा में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जिसके बाद CBI ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में नया केस दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला बिहार पुलिस से CBI को राज्य सरकार के अनुरोध पर सौंपा गया। इसके बाद जांच में यह खुलासा हुआ कि परीक्षा में चार उम्मीदवारों की जगह अन्य लोग परीक्षा दे रहे थे, जो बड़ा फ्रॉड साबित हो सकता है।
CBI ने इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह मामला विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि NEET-UG परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है, जो MBBS, BDS, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्सों में प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण द्वार है।
मालूम हो कि इस परीक्षा का आयोजन 5 मई 2024 को 571 शहरों के 4,750 केंद्रों पर किया गया था, जिसमें 23 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे, और 14 विदेशी केंद्र भी इसमें शामिल थे। इस मामले में दर्ज FIR के मुताबिक, भोजपुर के नितीश कुमार ने मुजफ्फरपुर के आशीष कुमार की जगह परीक्षा दी। जालोर (राजस्थान) के कमलेश कुमार ने सीवान के धीरज प्रकाश की जगह, बेगूसराय के सौरभ कुमार ने सीतामढ़ी के तथागत कुमार की जगह और सीतामढ़ी के मयंक चौधरी ने मुजफ्फरपुर के दीपक कुमार सिंह की जगह परीक्षा दी।
इधर, बिहार पुलिस को पहले पेपर लीक के बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई। इसके बाद यह मामला जल्द ही एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ा। उसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी, जिसने बिहार सहित अन्य राज्यों से मामलों की जांच शुरू की गई।






