NAWADA: भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत बिहार दौरे पर हैं। बुधवार को नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड स्थित मधुवन-मोतनाजे में आयोजित किसान महापंचायत को उन्होंने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बिहार सरकार को चेतावनी दी कि सर्किल रेट बढ़ाए बिना सैटेलाइट टाउनशिप के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि पुराने सर्किल रेट पर जमीन अधिग्रहण किया गया तो बिहार में बड़ा किसान आंदोलन होगा।
नवादा में आयोजित किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि 2013 के बाद से बिहार में सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं की गई है। उन्होंने सम्राट चौधरी की सरकार से यह मांग किया कि सबसे पहले सर्किल रेट को दोगुना किया जाए। इसके बाद बढ़े हुए सर्किल रेट या बाजार भाव, जो भी अधिक हो, उसके चार गुना के बराबर मुआवजा किसानों को दिया जाए। उन्होंने कहा कि उचित मुआवजा और दर तय होने के बाद ही किसान अपनी जमीन देंगे।
वही राकेश टिकैत ने किसानों से यह अपील किया कि जब तक मुआवजा और जमीन की उचित कीमत तय नहीं हो जाती, तब तक प्रशासन को खेतों में किसी तरह का काम नहीं करने दें और अपना संघर्ष जारी रखें। उन्होंने कहा कि किसानों को अगर पटना में आंदोलन के लिए जाने से रोका जाता है तो जिस गांव की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, उसी गांव को आंदोलन का केंद्र बनाया जाएगा।
उन्होंने किसानों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिस दिन अधिकारी जमीन पर बैरिकेडिंग करने या पिलर लगाने पहुंचें, उस दिन किसान एकजुट होकर इसका विरोध करें। टिकैत ने आंदोलन को मजबूत करने के लिए महिलाओं को ट्रैक्टर चलाने की ट्रेनिंग देने का भी सुझाव दिया, ताकि वे भी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
राकेश टिकैत ने कहा कि आने वाले समय में किसानों की लड़ाई ट्रैक्टर, जेसीबी और भारी मशीनरी के जरिए भी लड़ी जाएगी। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष करने की अपील की।
किसानों को मजदूर बनाने की साजिश का आरोप
किसान नेता राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन लेकर उन्हें गांव से हटाकर शहरों में भेजने और मजदूर बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों से कहा जा रहा है कि खेती नुकसान का सौदा है, इसलिए जमीन छोड़कर शहर जाएं और नौकरी करें। वहीं, बड़े शहरों के लोगों को गांव की जमीन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
टिकैत ने कहा कि बाहर से आने वाले लोग गांव की जमीन खरीदकर फायदा कमा सकते हैं, लेकिन जिस किसान का परिवार पीढ़ियों से उसी जमीन पर खेती कर रहा है, उसे इससे भारी नुकसान होगा। राकेश टिकैत ने किसानों से एकजुट रहने और जमीन अधिग्रहण समेत अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। आंदोलन को मजबूत करने के लिए उन्होंने महिलाओं को ट्रैक्टर चलाने की ट्रेनिंग देने का सुझाव दिया ताकि वे भी लड़ाई में उतर सकें।





