NALANDA: बिहार के नालंदा जिले में मिड-डे मील खाने के बाद तीन दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। घटना नगरनौसा प्रखंड के मध्य विद्यालय कला कैला की है, जहां बुधवार को भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, दस्त और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। कई बच्चे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और अभिभावक बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए। आनन-फानन में सभी बीमार बच्चों को नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं कुछ बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें चंडी रेफरल अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से बीमार एक छात्रा को बेहतर इलाज के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल रेफर किया गया है।
घटना के बाद अस्पतालों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बच्चों के बीमार होने की सूचना मिलते ही परिजन घबराए हुए अस्पताल पहुंचने लगे। अस्पताल परिसर में अभिभावकों की भारी भीड़ जुट गई, जबकि डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों के इलाज में लगी रही।
पांचवीं कक्षा की छात्रा अमृता कुमारी ने बताया कि मिड-डे मील में बच्चों को चावल और चने की सब्जी परोसी गई थी। उसका आरोप है कि सब्जी में दवा जैसी संदिग्ध गोली दिखाई दी थी। भोजन करने के बाद कई बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई।अस्पताल में भर्ती बच्चों में आरती, सिमरन, खुशी, आदित्य, प्रियांशु, प्रिय, दीपक, प्रीति, डोली, सौरभ, किरण, अमृता कुमारी, अंकुश कुमार, अनुराधा कुमारी, तमन्ना, निशु, मुस्कान, कृति, ऋषि, और राधा कुमारी समेत तीन दर्जन से अधिक बच्चे शामिल हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। लोगों ने आरोप लगाया कि भोजन की गुणवत्ता की ठीक से जांच किए बिना बच्चों को खाना परोस दिया गया, जिसकी वजह से इतनी बड़ी संख्या में बच्चे बीमार पड़ गए। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।





