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बस में शुरू हुई मोहब्बत, मंदिर में शादी और ई-रिक्शा से अस्पताल पहुँचा नवविवाहित जोड़ा

नवादा में बस यात्रा के दौरान शुरू हुआ प्रेम दो साल बाद शादी में बदला। मंदिर में विवाह के बाद नवविवाहित जोड़ा ई-रिक्शा से सदर अस्पताल पहुँचा और बीमार मौसी से आशीर्वाद लिया।

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अस्पताल में भर्ती बीमार मौसी से आशीर्वाद
© REPORTER
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

NAWADA: बिहार के नवादा जिले में अजब प्रेम की गजब कहानी देखने को मिली। नवादा सदर अस्पताल में अचानक इस अनोखी प्रेम कहानी की चर्चा होने लगी। दरअसल बस में सफर के दौरान एक लड़का को बस में सवार लड़की से निगाहें चार हो गयी। फिर क्या था दोनों एक दूसरे से बेइंतहा प्यार करने लगे। दो साल से दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। 


आखिरकार अब दोनों ने मंदिर में शादी रचा ली। दोनों ने एक दूसरे को पति-पत्नी के रूप में स्वीकार किया और शादी के बंधन में बंध गये। लड़का नवादा के रहने वाले आशीष सिंह का बेटा दीपक कुमार है और लड़की गया के रहने वाली काजल कुमारी है। दोनों की मुलाकात दो साल पहले एक बस में सफर के दौरान हुई थी। इसी दौरान दोनों ने एक दूसरे का मोबाइल नंबर लिया और फिर घंटों बातचीत करने लगे। 


इसी दौरान दोनों के बीच प्यार हो गया। आज दोनों ने नवादा के मंदिर में जाकर शादी रचाई। शादी के तुरंत बाद दुल्हन सिंदूर-मेहंदी सजे हाथों, घूंघट ओढे दूल्हे के साथ ई-रिक्शा से सदर अस्पताल पहुंच गये। नवादा सदर अस्पताल पहुंचने का कारण यह था कि दूल्हे दीपक की मौसी की तबीयत काफी खराब थी, जो एक हफ्ते से अस्पताल में एडमिट है। 


नवविवाहित जोड़े ने शादी के बाद घर के बड़े बुजुर्ग से आशीर्वाद लिया लेकिन अस्पताल मे भर्ती रहने की वजह से वे मौसी से आशीर्वाद नहीं ले पाए थे। मौसी से आशीर्वाद लेने के लिए नवदंपति ई-रिक्शा से शादी के जोड़े में नवादा सदर अस्पताल पहुंच गये। दोनों को शादी के जोड़े में देख मरीज के परिजन और अस्पताल के कर्मचारी भी हैरान रह गये।


 दर्द भरे माहौल में अचानक खुशी की लहर दौड़ गई। बेड पर पड़ी मौसी और वहां मौजूद लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद और शादी की बधाइयां दीं। मौसी से आशीर्वाद लेने के बाद दोनों घर लौट गए। यह कहानी सच्चे प्यार के साथ परिवार और रिश्तों के सम्मान की मिसाल है।

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