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Bihar news : बिहार में जिला जज का असामयिक निधन, 6 महीने में पहले हुई थी पोस्टिंग; जांच में लगी फॉरेंसिक टीम

बिहार के नवादा जिले में न्यायिक व्यवस्था को झटका लगा है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिल्पी सोनी राज का गुरुवार रात अचानक निधन हो गया। उनकी असामयिक मौत ने न्यायिक समुदाय, अधिवक्ताओं और प्रशासन में शोक की लहर दौड़ा दी है।

Bihar news : बिहार में जिला जज का असामयिक निधन, 6 महीने में पहले हुई थी पोस्टिंग; जांच में लगी फॉरेंसिक टीम
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar news : बिहार के नवादा जिले में न्यायिक व्यवस्था को गहरा सदमा पहुंचाने वाली घटना सामने आई है। नवादा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिल्पी सोनी राज का बीती रात अचानक निधन हो गया। उनकी असामयिक मौत ने न्यायिक समुदाय, अधिवक्ताओं और प्रशासन में शोक की लहर दौड़ा दी है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरूवार रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें नवादा के निजी धर्मशिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने हरसंभव प्रयास किए, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। मौत का सटीक कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है, जिसे लेकर इसे संदिग्ध माना जा रहा है। इस कारण जिला प्रशासन ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर जांच शुरू कर दी है। उनका पोस्टमार्टम पटना में विशेषज्ञों की निगरानी में कराया जाएगा, ताकि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके। साथ ही, न्यायाधीश के सरकारी आवास को भी जांच के लिए सुरक्षित किया गया है।


घटना की सूचना मिलते ही नवादा के जिलाधिकारी रवि प्रकाश, पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान समेत कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे। न्यायालय के अन्य पदाधिकारी, बड़ी संख्या में अधिवक्ता और न्यायालय कर्मचारी भी मौके पर इकट्ठा हुए। सभी इस अचानक और दुखद घटना से स्तब्ध और मर्माहत नजर आए।


शिल्पी सोनी राज ने मात्र छह महीने पहले नवादा में पदभार संभाला था। उनके अचानक निधन को न्यायिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी क्षति बताया जा रहा है। इससे नवादा जिले की न्यायिक प्रणाली पर भी असर पड़ने की संभावना है। इससे पहले वे पटना हाईकोर्ट से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों और जिम्मेदारियों को संभाल चुकी थीं। उनके न्यायिक करियर में ईमानदारी और निष्ठा की विशेष छवि रही है, जिससे उनके सहयोगी और अधिवक्ता समाज में उनका सम्मान था।


शिल्पी सोनी राज के परिवार में तीन बहनें और दो भाई हैं। उनके परिवार के कुछ सदस्य पटना से नवादा पहुंच चुके हैं। पूरे बिहार में न्यायिक महकमे में शोक और संवेदना का माहौल है। अधिवक्ता संघ और न्यायिक अधिकारी उनकी स्मृति में शोक सभाओं का आयोजन करने की तैयारी कर रहे हैं।


प्रशासन ने मृत्युपरक कारणों की गहन जांच का आश्वासन दिया है। फॉरेंसिक टीम और विशेषज्ञों द्वारा रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट की जाएगी। न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी असामयिक मृत्यु न्यायिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही न्यायिक प्रक्रिया के सुचारू संचालन को लेकर कदम उठाए जाएंगे।


यह घटना पूरे राज्य में न्यायिक महकमे के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। शिल्पी सोनी राज के निधन से न केवल नवादा जिले, बल्कि पूरे बिहार में न्यायिक व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर असर पड़ेगा। प्रशासन और पुलिस ने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।इस तरह, न्यायिक महकमे में शोक और संवेदना का माहौल है, जबकि जांच रिपोर्ट आने तक न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हैं और न्याय व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।